§1यह बिज़नेस क्या है

साबुत रागी (मंडुआ) को साफ़ करके भारी पल्वराइज़र में पीसा जाता है, छाना जाता है, नमी जाँची जाती है और 1 किलो के पैकेट में भरा जाता है। रागी ग्लूटेन-रहित है और DPR के अनुसार सभी अनाजों और मोटे अनाजों में इसमें सबसे ज़्यादा कैल्शियम (344 मिलीग्राम प्रति 100 ग्राम) होता है; इससे दलिया, रोटी, माल्ट पेय, बच्चों का आहार और बेकरी सामान बनते हैं। कर्नाटक, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और गुजरात मुख्य उत्पादक राज्य हैं।

क्षमता: 200 किलो प्रति घंटा; सालाना 4,80,000 किलो रागी से 5% बर्बादी के बाद 4,56,000 किलो आटा। DPR पहले साल 55% (2,50,800 किलो) से शुरू करके पाँचवें साल 75% तक जाती है।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

रागी उगाने वाले राज्य का मिलर, व्यापारी या FPO, जिसके किराना, हेल्थ-फ़ूड और बेकरी ख़रीदारों से संपर्क हों।

किसके लिए नहीं

जिसके पास पक्की रागी आपूर्ति या हेल्थ-फ़ूड ख़रीदारों तक पहुँचने की योजना न हो।

फ़ायदे

  • कैल्शियम और आयरन से भरपूर, ग्लूटेन-रहित आटा — सेहतमंद छवि
  • DPR के अनुसार मधुमेह और ग्लूटेन से परेशान ख़रीदारों के लिए ठीक
  • मोटे अनाज के प्रचार से ख़रीदारों में जागरूकता बढ़ी है
  • सीधी-सादी सूखी पिसाई लाइन

नुकसान

  • रागी कुछ ही राज्यों में उगती है — उत्तर के कई बाज़ारों से दूर
  • क्षमता के 47% पर ब्रेक-ईवन
  • पिसा आटा साबुत दाने जितना नहीं टिकता
  • स्थानीय चक्कियाँ घरों के लिए सस्ते में रागी पीसती हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • अनाज की सफ़ाई और नमी जाँच
  • पल्वराइज़र और छलनी की सेटिंग
  • पैकिंग और टिकाव का ध्यान
  • किराना और हेल्थ स्टोर को बेचना

कठिनाई 2/5 क्यों: पिसाई सरल है; पक्की अनाज आपूर्ति और ख़रीदार सबसे अहम हैं।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • परिवार, ख़ासकर दक्षिण भारत और पहाड़ों में
  • किराना और हेल्थ-फ़ूड स्टोर
  • बेकरी और बच्चों के आहार के निर्माता
  • मधुमेह और ग्लूटेन-रहित आहार वाले ख़रीदार

कैसे बिकता है

  • थोक व्यापारी और वितरक
  • आधुनिक रिटेल और ऑनलाइन
  • खाद्य निर्माताओं को सीधी आपूर्ति

जानने लायक

  • DPR पहले साल 1 किलो का पैकेट ₹60 का मानती है, हर साल ₹3 बढ़ता।
  • DPR के अनुसार रागी दलिया, पुडिंग, कुकीज़ और माल्ट पेय में लगती है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
साइलो (2.5 टन)2₹2,00,000
कंपन वाला प्री-क्लीनर (400 किलो/घंटा)1₹1,50,000
भारी पल्वराइज़र मिल (450 किलो/घंटा)1₹5,00,000
आटा छलनी मशीन (300 किलो/घंटा)2₹3,20,000
आटा जाँच किट—₹2,00,000
पैकेट भरने और पैक करने की मशीन1₹2,20,000
उतराई बिन, एलिवेटर, कन्वेयर और भंडारण बिन—₹7,20,000

स्रोत: NIFTEM-K project profile — Ragi Flour Mill Unit (PMFME model DPR) (2022)

  • साबुत रागी (मंडुआ)पहले साल ₹36 किलो, हर साल ₹2 बढ़ती; 10 दिन का स्टॉक
  • पैकिंग सामग्री1 किलो के पैकेट

स्रोत: NIFTEM-K project profile — Ragi Flour Mill Unit (PMFME model DPR) (2022)

कच्चे माल के डेटाबेस में

रागी (मंडुआ) →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस
  2. उद्यम (Udyam)
  3. GST
  4. पैक सामान के लिए लीगल मेट्रोलॉजी पंजीकरण
  5. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (आटे की धूल)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMFME (DPR इसी का मॉडल है, ₹10 लाख तक 35% सब्सिडी), AIF (प्राथमिक प्रसंस्करण), PMEGP और CGTMSE लागू। DPR में बैंक वित्त ₹22.98 लाख (सावधि ऋण ₹13.48 लाख + कार्यशील पूँजी ₹9.50 लाख) है, जो MUDRA की ₹20 लाख सीमा से ज़्यादा है।

§7पैसा

निवेश का आधार: NIFTEM-K की PMFME मॉडल DPR: कुल ₹35.06 लाख = प्लांट और मशीनरी ₹23.10 लाख + अन्य संपत्ति ₹1.40 लाख + कार्यशील पूँजी ₹10.56 लाख। जगह किराए पर (पहले साल किराया ₹3.60 लाख)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹10.56 लाख (बैंक सीमा ₹9.50 लाख): 10 दिन का अनाज और 15 दिन का आटा स्टॉक में, ख़रीदारों को 7 दिन की उधारी। पहले साल रागी ₹36 किलो मानी गई है; 1 किलो का पैकेट ₹60 में बिकता है।

DPR पर वर्ष छपा नहीं है; NIFTEM-K ने इसे जुलाई 2022 में प्रकाशित किया — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

1102.90गेहूँ या मक्के के अलावा अनाज के आटे (मोटे अनाज का आटा शामिल)

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • निर्यात से पहले ITC(HS) निर्यात नीति में सही 8-अंकीय कोड जाँच लें।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • रागी के दाम और फ़सल में उतार-चढ़ाव
  • स्थानीय चक्कियों और बड़े ब्रांडों से मुक़ाबला
  • रखे अनाज में कीड़े और नमी
  • रागी न खाने वाले इलाक़ों में धीमी बिक्री

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: रागी (मंडुआ) आटा मिल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. NIFTEM-K project profile — Ragi Flour Mill Unit (PMFME model DPR) (2022)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।