§1यह बिज़नेस क्या है
कॉइल से MS पट्टी को रोल-फ़ॉर्मिंग मशीन में चलाकर शटर की पत्तियाँ बनती हैं; स्प्रिंग स्टील के तार से स्प्रिंग लपेटी जाती है; फ़्रेम को कैंची-मशीन और प्रेस ब्रेक पर काटा-मोड़ा जाता है। सब जोड़कर लाल ऑक्साइड प्राइमर लगाया जाता है। माँग नई दुकानों, व्यावसायिक इमारतों और दफ़्तरों से आती है; रिपोर्टों में साल में 6,000–7,500 वर्ग मीटर शटर की योजना है।
क्षमता: समाधान: रोज़ 20 वर्ग मीटर, साल में 6,000 वर्ग मीटर; KVIC: साल में 7,500 वर्ग मीटर।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
फ़ैब्रिकेटर या वेल्डर जो स्थानीय बिल्डरों और दुकानदारों को जानता हो।
किसके लिए नहीं
जिसे धातु के काम या साइट पर फ़िटिंग का अनुभव न हो।
फ़ायदे
- हर नई दुकान और गोदाम को शटर चाहिए
- सरल मशीनें और छोटी टीम
- मरम्मत और बदलने का काम भी आमदनी देता है
- ऑर्डर पर बनता है, इसलिए बिना बिका माल कम
नुकसान
- लागत का बड़ा हिस्सा स्टील है और उसका दाम बार-बार बदलता है
- कई स्थानीय फ़ैब्रिकेटर टक्कर में
- माँग इमारतों के बाज़ार पर निर्भर
- साइट पर लगाने के लिए टीम को घूमना पड़ता है
कौन-से हुनर चाहिए
- चादर-धातु और वेल्डिंग का काम
- साइट पर नाप और भाव देना
- स्टील की ख़रीद
- फ़िटिंग और बिक्री के बाद सेवा
कठिनाई 2/5 क्यों: जाना-पहचाना फ़ैब्रिकेशन काम; मुनाफ़ा स्टील के दाम और ऑर्डर मिलने पर निर्भर।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- नई व्यावसायिक और दफ़्तर इमारतें
- दुकानें और गोदाम
- ट्रक, विशेष वाहन और एम्बुलेंस बॉडी बनाने वाले (रिपोर्ट में नाम)
कैसे बिकता है
- दुकानदारों और बिल्डरों से सीधे ऑर्डर
- ठेकेदार और आर्किटेक्ट
- हार्डवेयर डीलर
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार शटर IS 6248 और ग्राहक की अपनी शर्तों के हिसाब से बनाकर जाँचे जाएँ।
- समाधान रिपोर्ट में पहले साल की ₹31.61 लाख उत्पादन लागत में ₹24.68 लाख स्टील है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| हाथ से चलने वाली कतरनी मशीन, 300 mm ब्लेड, 6 mm प्लेट काटती है | 1 | ₹70,000 |
| हाथ से चलने वाला स्क्रू प्रेस नं. 10, डबल पिलर | 1 | ₹30,000 |
| स्प्रिंग लपेटने की मशीन | 1 | ₹8,000 |
| दूसरी कतरनी मशीन (कम दाम पर दोबारा लिखी) | 1 | ₹6,000 |
| दूसरा स्क्रू प्रेस नं. 10 (कम दाम पर दोबारा लिखा) | 1 | ₹10,000 |
| पिलर ड्रिलिंग मशीन, ¾ इंच, 2 HP | 1 | ₹12,000 |
| बेंच ग्राइंडर, 10 इंच पहिया, 2 HP | 1 | ₹6,000 |
| वेल्डिंग ट्रांसफ़ॉर्मर, 300 A | 1 | ₹12,000 |
| बिजली फ़िटिंग और स्थापना | एकमुश्त | ₹20,000 |
| जाँच और नाप के उपकरण | एकमुश्त | ₹15,000 |
| अन्य औज़ार और फ़िक्स्चर | एकमुश्त | ₹15,000 |
| KVIC सेट: 150 mm × 18 SWG पट्टी के लिए रोल-टाइप प्रोफ़ाइल बनाने की मशीन, 2.5 m प्रेस ब्रेक, स्प्रिंग मशीन, कतरनी, स्क्रू प्रेस, ड्रिल, वेल्डिंग ट्रांसफ़ॉर्मर, ग्राइंडर, जिग और फ़िक्स्चर | 1 सेट | ₹4.93 lakh (whole set) |
स्रोत: PMEGP sample project report — Rolling Shutters (prepared by Udyami/Samadhan) · KVIC Project Profile — Rolling Shutters (PMEGP)
- MS पट्टी, 18–22 गेजसाल में 66 टन, ₹45,000 प्रति टन
- स्प्रिंग स्टील तार, 3–6 mmसाल में 9 टन, ₹90,000 प्रति टन
- MS ट्यूब, चादर और फ़्लैटसाल में 1.8 टन, ₹85,000 प्रति टन
- बोल्ट, नट, रिवेटसाल में ₹1.80 लाख (एकमुश्त)
स्रोत: PMEGP sample project report — Rolling Shutters (prepared by Udyami/Samadhan)
कच्चे माल के डेटाबेस में
हॉट-रोल्ड (HR) स्टील कॉइल और शीट →जस्ता-चढ़ी और रंगीन-कोटेड स्टील शीट (GP/GC/PPGI) →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का NOC (रिपोर्ट में दिया)
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
PMEGP लागू (विनिर्माण ₹50 लाख तक); MUDRA ₹20 लाख तक का क़र्ज़; बिना गिरवी क़र्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST या महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India।
§7पैसा
निवेश का आधार: समाधान रिपोर्ट ₹11.65 लाख = 2,000 वर्ग फ़ुट भवन ₹1.75 लाख, प्लांट और मशीनरी ₹2.04 लाख, फ़र्नीचर ₹0.35 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹0.20 लाख, कार्यशील पूँजी ₹7.31 लाख। KVIC प्रोफ़ाइल ₹16.93 लाख = उपकरण ₹4.93 लाख (रोल-फ़ॉर्मिंग मशीन सहित) + कार्यशील पूँजी ₹12.00 लाख; ज़मीन अपनी, शेड किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): समाधान में कार्यशील पूँजी ₹7.31 लाख (बैंक ₹6.58 लाख) — 30 दिन का स्टील और 15 दिन का तैयार माल; KVIC में ₹12.00 लाख।
किसी भी रिपोर्ट पर साल नहीं छपा — मशीन और कच्चे माल के आज के दाम पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- शटर भारी-भरकम होते हैं; निर्यात आमतौर पर पास के देशों में या किसी प्रोजेक्ट ऑर्डर के साथ ही फ़ायदेमंद।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- स्टील का दाम बढ़ने से मार्जिन घटता है
- बिल्डरों से देर से भुगतान
- कमज़ोर स्प्रिंग या पत्तियों से शिकायतें
- निर्माण कार्य में मंदी
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: रोलिंग शटर की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
¶स्रोत
- KVIC Project Profile — Rolling Shutters (PMEGP)
- PMEGP sample project report — Rolling Shutters (prepared by Udyami/Samadhan)
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
