§1यह बिज़नेस क्या है
इकाई तैयार चाय और जड़ी-बूटियाँ ख़रीदकर अपने नुस्ख़े से मिलाती है और टी-बैग मशीन व सीलर से पैकेट और टी-बैग बनाती है। रिपोर्ट में तीन उत्पाद हैं: दूध वाली चाय (उत्पादन का 65%), हर्बल टी (25%) और ग्रीन टी (10%)। हरी पत्ती उगाने या प्रोसेस करने का काम इसमें नहीं है।
क्षमता: रोज़ 400 किलो, साल में 1,20,000 किलो; पहले साल 50% (60,000 किलो)। डीह्यूमिडिफ़ायर 50 किलो/घंटा, टी-बैग मशीन 30–40 बैग प्रति मिनट।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
चाय की ग्रेड समझने वाला व्यापारी या खाद्य उद्यमी, जिसका किराना और होटल-रेस्तराँ तक वितरण नेटवर्क हो।
किसके लिए नहीं
कम पूँजी वाला पहली बार का उद्यमी; ज़्यादातर पैसा मशीनों में नहीं, स्टॉक और बिक्री में जाता है।
फ़ायदे
- चाय लगभग हर घर में पी जाती है, माँग स्थिर
- ब्लेंडिंग और पैकिंग के लिए चाय बागान ज़रूरी नहीं
- हर्बल और ग्रीन टी के दाम ऊँचे (रिपोर्ट के पहले साल ₹790 और ₹675 प्रति किलो)
- टी-बैग और छोटे पैकेट दफ़्तरों, होटलों और दुकानों के लिए ठीक
नुकसान
- स्टॉक के लिए बड़ी कार्यशील पूँजी (₹40 लाख)
- बड़े राष्ट्रीय ब्रांडों से भरा बाज़ार
- मुनाफ़ा नीलामी या डीलर से सही दाम पर चाय ख़रीदने पर टिका
- परियोजना लागत PMEGP की ₹50 लाख की विनिर्माण सीमा से ऊपर
कौन-से हुनर चाहिए
- चाय चखना और ब्लेंड करना
- चाय और जड़ी-बूटियाँ सही दाम पर ख़रीदना
- ब्रांड और पैकेजिंग
- वितरक और दुकानदार नेटवर्क
कठिनाई 4/5 क्यों: बड़ी कार्यशील पूँजी और बाज़ार में मज़बूत ब्रांड — ब्लेंड करने से ज़्यादा कठिन बेचना है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- घर-परिवार
- दफ़्तर, होटल और कैंटीन
- ग्रीन और हर्बल टी के लिए सेहत के प्रति सजग ख़रीदार
कैसे बिकता है
- वितरकों के ज़रिए किराना दुकानें
- सुपरमार्केट और ऑनलाइन स्टोर
- होटल-रेस्तराँ को थोक आपूर्ति
जानने लायक
- रिपोर्ट के पहले साल के बिक्री दाम: दूध वाली चाय ₹195, ग्रीन टी ₹675, हर्बल टी ₹790 प्रति किलो।
- रिपोर्ट में मशीन की लागत (₹19 लाख) GST और ढुलाई के बिना है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| मुख्य मशीन (डीह्यूमिडिफ़ायर, टी-बैग मशीन) | — | ₹15.00 lakh |
| सहायक मशीनें (पंच सीलिंग आदि) | — | ₹4.00 lakh |
स्रोत: PMEGP sample project report — Tea Blending Unit (prepared by Udyami/Samadhan)
- दूध वाली चाय के लिए चाय पत्ती₹140–150 प्रति किलो (रिपोर्ट के पहले साल ₹150)
- ग्रीन टी₹450–500 प्रति किलो (पहले साल ₹460)
- हर्बल टी की सामग्री₹500–550 प्रति किलो (पहले साल ₹520)
- पैकेजिंग और टी-बैग सामग्रीपहले साल पैकेजिंग लागत ₹2.35 लाख
स्रोत: PMEGP sample project report — Tea Blending Unit (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Quality Control Laboratory, Tea Board India, Siliguri · Siliguri →TLABS, Tea Research Association, Kolkata · Kolkata →Tlabs, Tea Research Association, Tocklai Tea Research Institute, Jorhat · Jorhat →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- ज़रूरत के अनुसार फ़ायर और प्रदूषण अनुमति
- ब्रांड का ट्रेडमार्क
- पैक माल के लिए लीगल मेट्रोलॉजी पंजीकरण
- नीलामी में चाय ख़रीदने पर टी बोर्ड पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
PMFME की 35% सब्सिडी (₹10 लाख तक) सूक्ष्म खाद्य इकाई का कुछ हिस्सा ढक सकती है; CGTMSE से बिना गारंटी कवर। ₹82.42 लाख की यह योजना PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ऊपर है, PMEGP के लिए इसे छोटा करना होगा।
§7पैसा
निवेश का आधार: नमूना रिपोर्ट में कुल ₹82.42 लाख: भवन/निर्माण ₹15.00 लाख, मशीनरी ₹22.42 लाख, फ़र्नीचर व अन्य ₹5.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹40.00 लाख। वित्त: अपना हिस्सा ₹20.61 लाख, बैंक टर्म लोन ₹31.82 लाख, कार्यशील पूँजी सीमा ₹30.00 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): सबसे बड़ा हिस्सा कार्यशील पूँजी ₹40.00 लाख (बैंक सीमा ₹30.00 लाख) — चाय और जड़ी-बूटियाँ थोक में ख़रीदी जाती हैं।
नमूना रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर जाँचें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: Tea Board of India
- चाय निर्यातक को IEC और भारतीय चाय बोर्ड में पंजीकरण चाहिए।
- चाय और जड़ी-बूटियों के लिए ख़रीदार देश की अवशेष सीमाएँ जाँचें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- मौसम के साथ चाय के दाम में उतार-चढ़ाव
- नमी से स्टॉक ख़राब होना
- बड़े ब्रांडों से मुक़ाबला
- वितरकों को उधार में पैसा फँसना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: चाय ब्लेंडिंग और पैकिंग इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
चाय ब्लेंडिंग और पैकिंग इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
