§1यह बिज़नेस क्या है

टमाटर धोकर छाँटे जाते हैं, कुचलकर ट्विन पल्पर से गुज़ारे जाते हैं; गूदा भाप-जैकेट केतली में नमक और स्वाद के साथ पकता है, फ़िनिश, ठंडा और डिब्बाबंद होता है। संयंत्र में पल्पिंग लाइन, डबल सीमर और रिटॉर्ट वाली कैनिंग लाइन, और भाप बॉयलर के साथ कैन-रिफ़ॉर्मिंग इकाई है।

क्षमता: रोज़ 600 किलो, साल में 1 किलो के 1,80,000 डिब्बे (8 घंटे की पाली, 300 दिन); पहले साल 65%।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

टमाटर क्षेत्र (कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश) का खाद्य प्रोसेसर या FPO, जिसकी होटल-रेस्तराँ से पहचान हो।

किसके लिए नहीं

खाद्य प्रसंस्करण का अनुभव या टमाटर की पक्की आपूर्ति न रखने वाला।

फ़ायदे

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत टमाटर उगाने में दुनिया में दूसरे नंबर पर
  • एक जैसी गुणवत्ता चाहने वाले होटलों, पिज़्ज़ा-पास्ता बनाने वालों के लिए प्यूरी ठीक
  • डिब्बों में लंबी शेल्फ़-लाइफ़
  • सस्ते मौसमी टमाटर से साल भर बिकने वाला उत्पाद

नुकसान

  • मशीनरी का बड़ा ख़र्च (₹30 लाख)
  • टमाटर की आपूर्ति मौसमी
  • डिब्बाबंदी में प्रक्रिया पर कड़ा नियंत्रण ज़रूरी
  • बड़े प्रोसेसरों से होड़

कौन-से हुनर चाहिए

  • ताप प्रसंस्करण और डिब्बाबंदी
  • गुणवत्ता नियंत्रण (ठोस, खटास, डिब्बे की सिलाई)
  • फ़सल पर टमाटर ख़रीदना
  • होटल-रेस्तराँ और खाद्य निर्माताओं को बिक्री

कठिनाई 4/5 क्यों: बड़ी मशीनरी, डिब्बाबंदी की सुरक्षा और मौसमी आपूर्ति इसे छोटी सॉस इकाइयों से कठिन बनाती है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • होटल, रेस्तराँ और कैटरर
  • पिज़्ज़ा, पास्ता और सॉस निर्माता
  • घर-परिवार

कैसे बिकता है

  • होटल-रेस्तराँ वितरक
  • खाद्य निर्माताओं को सीधी आपूर्ति
  • सुपरमार्केट और ऑनलाइन किराना

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के लगभग 11% टमाटर भारत में उगते हैं, चीन के बाद दूसरे नंबर पर।
  • भारत के ज़्यादातर टमाटर ताज़े खाए जाते हैं; थोड़ा ही हिस्सा प्रोसेस होता है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
पल्पिंग लाइन: फल धोने की मशीन, छँटाई कन्वेयर, स्क्रू फ़ीडर, फ्रूट मिल क्रशर, हॉपर पंप, ट्विन पल्पर, पल्प्राइज़र, भाप-जैकेट केतली, ट्रांसफ़र पंप, फ़िलिंग टंकी——
कैनिंग लाइन: डबल सीमर, सिलाई जाँच गेज, डिब्बा टेस्टर, कैनिंग रिटॉर्ट——
कैन रिफ़ॉर्मिंग इकाई: रोटरी फ़्लैट कैन बॉडी रिफ़ॉर्मर, हैंड फ़्लैंजर, डबल सीमर, कैन बॉडी बीडर, भाप बॉयलर——
पूरा सेट-अप—₹30 lakh (approx., as printed)

स्रोत: PMEGP sample project report — Tomato Puree (prepared by Udyami/Samadhan)

  • टमाटरमुख्य कच्चा माल
  • नमक, चीनी और स्वाद
  • कच्चे माल की औसत लागत₹22–25 प्रति किलो (रिपोर्ट के पहले साल ₹25)
  • 1 किलो के डिब्बेकैन-रिफ़ॉर्मिंग इकाई में बनते हैं

स्रोत: PMEGP sample project report — Tomato Puree (prepared by Udyami/Samadhan)

कच्चे माल के डेटाबेस में

टमाटर →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  3. GST पंजीकरण
  4. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का NOC
  5. बॉयलर अधिनियम के दायरे में आए तो बॉयलर पंजीकरण
  6. पैक माल के लिए लीगल मेट्रोलॉजी पंजीकरण
  7. ब्रांड का ट्रेडमार्क

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹36.56 लाख की इस परियोजना पर PMEGP लागू; PMFME की 35% सब्सिडी (₹10 लाख तक) सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण के लिए; CGTMSE से बिना गारंटी कवर।

§7पैसा

निवेश का आधार: नमूना रिपोर्ट में कुल ₹36.56 लाख: मशीनरी ₹30.00 लाख, फ़र्नीचर ₹1.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख। ज़मीन अपनी या किराए की। वित्त: टर्म लोन ₹27.90 लाख, कार्यशील पूँजी कर्ज़ ₹5.00 लाख, अपना हिस्सा ₹3.66 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख (बैंक ₹5.00 लाख)।

नमूना रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर जाँचें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

2002सिरके के अलावा अन्य तरीक़े से तैयार या सुरक्षित टमाटर (प्यूरी और पेस्ट सहित)

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • निर्यात से पहले IEC और APEDA पंजीकरण (RCMC) लें।
  • निर्यात के डिब्बाबंद खाद्य के लिए प्रक्रिया प्रमाणन और शेल्फ़-लाइफ़ रिकॉर्ड चाहिए।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • डिब्बे की सिलाई फ़ेल होकर माल ख़राब
  • बेमौसम टमाटर के दाम में उछाल
  • क्षमता ख़ाली रहना
  • थोक ख़रीदारों से देर से भुगतान

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: टमाटर प्यूरी इकाई (डिब्बाबंद) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Tomato Puree (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।