कहानी
वराह नदी के किनारे बसा एटिकोप्पाका लगभग चार सौ साल से लाख रंगे खिलौने बनाता आया है। कारीगर नरम अंकुडु लकड़ी को खराद पर घुमाते हैं और बीज, छाल और पत्तियों के प्राकृतिक रंग मिली लाख से रँगते हैं। ये खिलौने चिकने, गोल किनारों वाले और ज़हरीले रंग से मुक्त होते हैं। एटिकोप्पाका खिलौनों को जीआई टैग मिला है।
आँकड़ों में
जिन प्रकाशित स्रोतों को हम खोल सके, उनमें इस क्लस्टर के ताज़ा आँकड़े नहीं हैं।
GI टैग
- Etikoppaka Toysआवेदन संख्या GI application no. 482Registration details of Geographical Indications (IP India GI Registry)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- शहरी माता-पिता और निर्यात के लिए ज़हर-मुक्त खिलौने
- प्राकृतिक लाख रंग बनाना
- विशाखापत्तनम के पास शिल्प पर्यटन
क्लस्टर की मुश्किलें
- अंकुडु लकड़ी की कमी
- प्लास्टिक और आयातित खिलौने
- सीमित मार्केटिंग पहुँच
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
लकड़ी के खिलौने बनाना (लाख वाले खराद खिलौने) →लकड़ी के खिलौने और सजावटी सामान →लाख उत्पादन →
