कहानी
तेनाली के पास उपजाऊ कृष्णा डेल्टा में बसा दुग्गिराला गुंटूर और कृष्णा ज़िलों में उगने वाली हल्दी का बड़ा बाज़ार बना। स्थानीय इकाइयाँ हल्दी को उबालती, सुखाती, पॉलिश करती और पीसती हैं, फिर यह पूरे भारत के व्यापारियों तक जाती है। एक क्लस्टर कार्यक्रम ने इकाइयों को कम बिजली वाली पिसाई मशीनें और बेहतर छँटाई अपनाने में मदद की। किसानों को ज़्यादा करक्यूमिन वाली क़िस्में उगाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
आँकड़ों में
दुग्गिराला हल्दी प्रसंस्करण क्लस्टर में 26 इकाइयाँ थीं, कारोबार ₹86 करोड़ (860 मिलियन रुपये) और रोज़गार 800 लोगों को (2010-11 के आँकड़े)।
Brief Industrial Profile of Guntur District (MSME-DI Hyderabad, DC-MSME) · 2011
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- हल्दी उबालने और सुखाने की चलती-फिरती सेवा
- ब्रांडेड हल्दी पाउडर
- निर्यात के लिए करक्यूमिन के आधार पर छँटी हल्दी
क्लस्टर की मुश्किलें
- दामों में उतार-चढ़ाव
- पुरानी पिसाई मशीनें और ज़्यादा बिजली ख़र्च
- निर्यात बाज़ार के लिए गुणवत्ता जाँच
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
हल्दी से मूल्य-वर्धित उत्पाद →मसाला / स्पाइस ग्राइंडिंग यूनिट →
