कहानी
गोरखपुर के पास औरंगाबाद जैसे गाँवों के कुम्हार हाथ से बने टेराकोटा घोड़ों और हाथियों के लिए जाने जाते हैं, जिन पर बारीक सजावट होती है। स्थानीय तालाबों की मिट्टी और खुली आग में पकाने से इस काम को लाल-भूरा रंग मिलता है। टेराकोटा गोरखपुर के ODOP उत्पादों में है और इसे GI टैग मिला है।
आँकड़ों में
जिन प्रकाशित स्रोतों को हम खोल सके, उनमें इस क्लस्टर के ताज़ा आँकड़े नहीं हैं।
GI टैग
- Gorakhpur Terracottaआवेदन संख्या GI Application No. 619; Registration No. 365GI Registry, IP India - Application 619: Gorakhpur Terracotta
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- शहरी खुदरा और ऑनलाइन के लिए बगीचे और घर की सजावट
- कॉरपोरेट और त्योहार उपहार
- साझा सेवा के रूप में बिजली की भट्टी और चाक
- स्कूलों और पर्यटकों के लिए कार्यशालाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- ढुलाई में टूट-फूट और पैकिंग का ख़र्च
- मिट्टी की उपलब्धता और भट्टी का धुआँ
- बिचौलियों से कम दाम
- मौसमी माँग
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
टेराकोटा सजावटी और उपयोगी सामान →मिट्टी की क्रॉकरी और ओवनवेयर →काली मिट्टी के बर्तन (गमले) →
