कहानी
कन्नौज भारत की इत्र नगरी है, जहाँ आज भी ताँबे के देग और भपके में पारंपरिक तरीक़े से इत्र खींचा जाता है और ख़ुशबू को चंदन के तेल में समेटा जाता है। शहर के आसपास के खेत आसवकों के लिए गुलाब, चमेली, गेंदा और पुदीना उगाते हैं। ज़्यादातर इकाइयाँ छोटी पारिवारिक फ़र्में हैं, जो पान मसाला और तंबाकू निर्माताओं, सुगंध बनाने वालों और घरेलू बाज़ार को बेचती हैं, और कुछ निर्यात करती हैं।
आँकड़ों में
कन्नौज में इत्र और एसेंशियल ऑयल की लगभग 375 चालू इकाइयाँ हैं; क्लस्टर का कारोबार लगभग ₹400 करोड़ है, लगभग 20% उत्पादन निर्यात होता है, और रोज़गार लगभग 1,00,000 (प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष) है।
Cluster Diagnostic Report: Kannauj Attar & Essential Oil Cluster (TCSP, Office of DC MSME) · 2019लगभग 250 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम इत्र बनाते हैं और लगभग 125 इकाइयाँ एसेंशियल ऑयल बनाती हैं; क्लस्टर की आय में इत्र का हिस्सा लगभग 57% और एसेंशियल ऑयल का 43% है।
Cluster Diagnostic Report: Kannauj Attar & Essential Oil Cluster (TCSP, Office of DC MSME) · 2019इत्र इकाइयों की कुल आय का 90% से अधिक हिस्सा पान मसाला और तंबाकू उत्पादों में इस्तेमाल से आता है।
Cluster Diagnostic Report: Kannauj Attar & Essential Oil Cluster (TCSP, Office of DC MSME) · 2019
GI टैग
- Kannauj Perfumeआवेदन संख्या GI Application No. 157; Registration No. 203GI Registry, IP India - Application 157: Kannauj Perfume
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- गुलाब, चमेली और सुगंधित फ़सलों की अनुबंध खेती
- खुदरा और ऑनलाइन के लिए अपने ब्रांड का इत्र और प्राकृतिक सुगंध
- परीक्षण, पैकिंग और शीशी सप्लाई
- आसवन के बचे माल से अगरबत्ती और धूप
क्लस्टर की मुश्किलें
- पान मसाला और तंबाकू खरीदारों पर भारी निर्भरता
- कम उपज वाले पारंपरिक देग और जैव-ईंधन
- कृत्रिम सुगंधों से प्रतिस्पर्धा
- सीधे निर्यात ऑर्डर कम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
इत्र बनाना →परफ़्यूम (इत्र) निर्माण →परफ़्यूमरी कंपाउंड (सुगंध मिश्रण) बनाना →मोगरा (चमेली) सुगंधित तेल यूनिट →अगरबत्ती बनाना →अगरबत्ती बनाने की इकाई →
