कहानी
चिकनकारी लखनऊ की सफ़ेद कपड़े पर सफ़ेद धागे से हाथ की कढ़ाई है, जिसे लोक इतिहास में नवाबी दरबार से जोड़ा जाता है। पुराने शहर के बाज़ारों के व्यापारी कपड़ा काटकर उस पर ब्लॉक प्रिंट करते हैं, लखनऊ और आसपास के गाँवों की महिला कढ़ाई कारीगरों को भेजते हैं, फिर धुलाई, फ़िनिशिंग करके बेचते हैं। लखनऊ ज़रदोज़ी के लिए भी जाना जाता है, जो दुल्हन और त्योहार के कपड़ों पर धातु के धागे की भारी कढ़ाई है।
आँकड़ों में
लखनऊ के चिकनकारी उद्योग से अनुमानित 10 लाख लोग जुड़े हैं - कटाई और रँगाई से लेकर ब्लॉक प्रिंटिंग और सिलाई तक।
India Development Review: A social business model for Lucknow's chikankari artisans
GI टैग
- Lucknow Chikan Craftआवेदन संख्या GI Application No. 119; Registration No. 102GI Registry, IP India - Application 119: Lucknow Chikan Craft
- Lucknow Zardoziआवेदन संख्या GI Application No. 236; Registration No. 192GI Registry, IP India - Application 236: Lucknow Zardozi
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- अपने लेबल के चिकन कपड़े ऑनलाइन और मॉल में बेचना
- व्यापारियों के लिए ब्लॉक प्रिंटिंग, धुलाई और फ़िनिशिंग का जॉब-वर्क
- उचित मज़दूरी वाले कढ़ाई समूह, जो सीधे खरीदारों से जुड़ें
- कपड़ा, धागा और छपाई के ब्लॉक सप्लाई करना
क्लस्टर की मुश्किलें
- महिला कढ़ाई कारीगरों को प्रति नग बहुत कम दाम
- मशीन से बनी और नक़ली चिकन को हाथ का बताकर बेचना
- कारीगर और खरीदार के बीच बिचौलियों की लंबी कड़ी
- बारीक सुई के काम से आँखों और सेहत पर असर
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
चिकनकारी कढ़ाई इकाई →ज़री और सिल्क कढ़ाई →हाथ की ठप्पा छपाई इकाई (छपे सूट) →लेडीज़ सूट सिलाई यूनिट →कंप्यूटराइज़्ड कढ़ाई (जॉब वर्क) →
