कहानी
ब्रह्मपुत्र का नदी-द्वीप माजुली वैष्णव मठों (सत्रों) का घर है। वहाँ के भिक्षु और कारीगर बाँस के ढाँचे पर नदी की मिट्टी और कपड़ा चढ़ाकर धार्मिक नाटक 'भाओना' के लिए मुखौटे बनाते हैं और चित्रित पांडुलिपियाँ तैयार करते हैं। दोनों शिल्पों को 2023-24 में GI पंजीकरण मिला।
आँकड़ों में
'माजुली मास्क ऑफ़ असम' (आवेदन 939) और 'असम माजुली मैन्युस्क्रिप्ट पेंटिंग' (आवेदन 940) 2023-24 में GI के रूप में पंजीकृत हुए।
Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India) · 2026
GI टैग
- Majuli Mask of Assamआवेदन संख्या GI Application No. 939Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
- Assam Majuli Manuscript Paintingआवेदन संख्या GI Application No. 940Registration Details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- GI मुखौटों की सजावट और उपहार के रूप में ऑनलाइन बिक्री
- शिल्प कार्यशालाएँ और द्वीप पर्यटन में ठहरना
- बाँस और मिट्टी जैसे कच्चे माल की आपूर्ति
- संग्रहालयों और नाट्य समूहों से ऑर्डर
क्लस्टर की मुश्किलें
- दूर-दराज़ द्वीप और नाव पर निर्भरता
- माजुली में बाढ़ और नदी कटाव
- प्रशिक्षित मुखौटा कारीगरों की कम संख्या
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
बाँस के सामान और हस्तशिल्प →लोक कला और कला दीर्घा का ऑनलाइन मार्केटप्लेस →होमस्टे (बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट) →लोक-संस्कृति पर्यटन परिसर →स्थानीय हस्तशिल्प और खिलौना बनाने का स्कूल →
