कहानी
मेरठ के कैंची कारीगर मज़बूत कैंचियों के लिए जाने जाते हैं, जिनके फल पुनर्चक्रित धातु से बनते हैं और हत्थे छोटी कार्यशालाओं में हाथ से ढाले या रिवेट किए जाते हैं। यह काम पुराने शहर के परिवार करते हैं। मेरठ में पीतल के बैंड वाद्यों का भी पुराना व्यापार है, और मेरठ बिगुल को अपना GI टैग मिला है।
आँकड़ों में
जिन प्रकाशित स्रोतों को हम खोल सके, उनमें इस क्लस्टर के ताज़ा आँकड़े नहीं हैं।
GI टैग
- Meerut Scissorsआवेदन संख्या GI Application No. 389; Registration No. 218GI Registry, IP India - Application 389: Meerut Scissors
- Meerut Bugle (Musical Instrument)आवेदन संख्या GI Application No. 1219; Registration No. 706GI Registry, IP India - Application 1219: Meerut Bugle (Musical Instrument)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- दर्ज़ी और शिल्प के लिए अपने ब्रांड की कैंचियाँ ऑनलाइन
- धार लगाने और घिसाई की सेवा
- धातु की चादर और हत्थे की सामग्री सप्लाई करना
- स्कूल, पुलिस और शादी बैंड के लिए वाद्य
क्लस्टर की मुश्किलें
- सस्ती आयातित कैंचियाँ
- हाथ के काम से उत्पादन सीमित
- स्थानीय व्यापारियों से आगे कम मार्केटिंग
- धातु की बढ़ती क़ीमतें
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
स्टेनलेस स्टील कटलरी इकाई →खेती के औज़ार, छुरी-काँटे और हाथ के औज़ार →धातु हस्तशिल्प यूनिट →
