कहानी
श्रीकालहस्ती कलमकारी श्रीकालहस्ती शिव मंदिर के आसपास बढ़ी, जहाँ कलाकार महाकाव्यों की कहानियाँ दिखाने वाले कपड़े के झंडे रँगते थे। कलाकार बाँस की क़लम से बिना ठप्पे के चित्र बनाते हैं और प्राकृतिक रंग भरते हैं। यह शैली बारीक पौराणिक दृश्यों और किनारियों के लिए जानी जाती है। श्रीकालहस्ती कलमकारी को जीआई टैग मिला है।
आँकड़ों में
जिन प्रकाशित स्रोतों को हम खोल सके, उनमें इस क्लस्टर के ताज़ा आँकड़े नहीं हैं।
GI टैग
- Srikalahasthi Kalamkariआवेदन संख्या GI application no. 28Registration details of Geographical Indications (IP India GI Registry)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- घरों, होटलों और मंदिरों के लिए ऑर्डर पर चित्र
- हाथ से रंगी साड़ियों और दुपट्टों की ऑनलाइन बिक्री
- कला विद्यार्थियों और पर्यटकों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- छपी नक़ल को हाथ से बना बताकर बेचना
- धीमा और मेहनत वाला काम
- कम युवा कलाकार
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
कपड़ा छपाई (स्क्रीन प्रिंटिंग) →लोक कला और कला दीर्घा का ऑनलाइन मार्केटप्लेस →हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →
