§1कितना बड़ा है
भारत का खिलौना निर्यात (HS 9503, 9504, 9505) FY 2018-19 में 203.5 मिलियन USD से बढ़कर FY 2025-26 में 384.7 मिलियन USD हुआ (89.1%), जबकि खिलौना आयात 371.7 मिलियन USD से घटकर 232.3 मिलियन USD रह गया (-37.5%)
PIB (Ministry of Commerce, Lok Sabha reply): India's Toy Exports Soar 89.1% (28 Jul 2026)2025-26 में मुख्य खिलौना श्रेणियों (HSN 9503, 9504 और 9505) में भारत ने 152 मिलियन US$ का व्यापार अधिशेष हासिल किया, जबकि 2017-18 में 213.01 मिलियन US$ का व्यापार घाटा था
PIB Backgrounder: Strengthening India's Toy Ecosystem (7 Jul 2026)FY 2024-25 में खिलौने, खेल और खेल सामग्री (HSN-95) का निर्यात 570.95 मिलियन USD रहा, अब तक का सबसे ज़्यादा
DGCI&S Kolkata: Brief Report on Exports of Toys, Games and Sports Requisites (September 2025)BIS ने खिलौना सुरक्षा के लिए घरेलू निर्माताओं को 1786 और विदेशी निर्माताओं को 56 लाइसेंस दिए हैं
PIB Backgrounder: Strengthening India's Toy Ecosystem (7 Jul 2026)2025 के BIS सर्वे के अनुसार खिलौनों के 95% नमूने तय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरे, जबकि 2019 में 33%
PIB (Ministry of Commerce, Lok Sabha reply): India's Toy Exports Soar 89.1% (28 Jul 2026)MSME मंत्रालय ने SFURTI के तहत 18 खिलौना क्लस्टर मंज़ूर किए हैं; कपड़ा मंत्रालय 40 खिलौना क्लस्टरों को डिज़ाइन और टूलिंग में मदद देता है
PIB (Ministry of Commerce, Lok Sabha reply): India's Toy Exports Soar 89.1% (28 Jul 2026)
§2शुरू करने के रास्ते
- ऑनलाइन बिक्री के लिए लकड़ी के और शैक्षिक खिलौने (चन्नपटना शैली, Montessori)
- स्थानीय रूप से छपे और पैक किए बोर्ड गेम और पहेलियाँ
- जालंधर / मेरठ के निर्यातकों के लिए खेल सामान का जॉब-वर्क (गेंदें, जाल, सुरक्षा गियर)
- घरेलू और निर्यात ख़रीदारों के लिए त्योहार और पार्टी का सामान
- जिम और फ़िटनेस एक्सेसरीज़ की असेंबली
§3हब और क्लस्टर
- जालंधर (पंजाब) - खेल के सामान (HSN 9506) का सबसे बड़ा निर्यातक ज़िला, District as Export Hub के रूप में चिह्नित (DGCI&S Sep 2025)
- मेरठ (उत्तर प्रदेश) - 66.01 मिलियन USD का खेल सामान निर्यात, District as Export Hub (DGCI&S Sep 2025)
- रामनगर (कर्नाटक) - चन्नपटना खिलौने; FY 2021-22 में HSN 9503 का सबसे बड़ा निर्यातक ज़िला (DGCI&S Sep 2025)
- गौतम बुद्ध नगर / नोएडा (उत्तर प्रदेश) - त्योहार और कार्निवल सामान का निर्यात; Noida Toy Park (DGCI&S Sep 2025)
- बेलगावी (कर्नाटक) - HSN 9503 का 2nd सबसे बड़ा निर्यातक ज़िला (DGCI&S Sep 2025)
- खुशखेड़ा, भिवाड़ी (राजस्थान) - SGEPC सदस्य क्षमता बढ़ा रहे हैं (DGCI&S Sep 2025)
§4लाइसेंस और पंजीकरण
- भारत में बिकने वाले हर खिलौने के लिए Toys QCO के तहत BIS लाइसेंस (Standard Mark)
- Legal Metrology पैकर / आयातक पंजीकरण
- हस्तशिल्प खिलौने की छूट लेने पर Development Commissioner (Handicrafts) से कारीगर कार्ड / पंजीकरण
- Udyam पंजीकरण (MSME) - मुफ़्त, ऑनलाइन, PAN + Aadhaar के आधार पर
- GST पंजीकरण (टर्नओवर सीमा से ऊपर या दूसरे राज्य में बिक्री करने पर ज़रूरी)
- काम के ढाँचे के अनुसार Shops & Establishments पंजीकरण या फ़ैक्टरी लाइसेंस (Factories Act)
- CPCB 2025 की लाल/नारंगी/हरी/सफ़ेद/नीली श्रेणी के अनुसार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना / संचालन की सहमति (सफ़ेद श्रेणी को छूट)
- IEC - DGFT से Importer Exporter Code (केवल आयात या निर्यात करने पर)
§5नियामक
- DPIIT (वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय) - खिलौना नीति और National Action Plan for Toys
- BIS - Toys (Quality Control) Order 2020: भारत में बिकने वाले खिलौनों के लिए IS 9873 / IS 15644 के तहत BIS लाइसेंस अनिवार्य (DC Handicrafts में पंजीकृत कारीगर और GI उत्पाद छूट में)
- खेल विभाग / भारतीय खेल प्राधिकरण (खेल सामान के मानक और ख़रीद)
- Legal Metrology (Packaged Commodities) Rules
§6सरकारी मदद
- National Action Plan for Toys (21 कार्य बिंदु, 14 मंत्रालय) [PIB 2290441]
- SFURTI खिलौना क्लस्टर (MSME मंत्रालय) और खिलौना क्लस्टरों को डिज़ाइन / टूलिंग सहायता (कपड़ा मंत्रालय) [PIB 2290441]
- ODOP और Districts as Export Hubs [PIB 2282116]
- खिलौना निर्यातकों के लिए RoDTEP (2,200 से ज़्यादा निर्यातकों को मदद) [PIB 2290441]
- खिलौनों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 70% (घरेलू निर्माताओं की सुरक्षा); खिलौनों पर GST 12% से घटाकर 5% [PIB 2290441; PIB 2282116]
- दूसरी योजनाएँ: Udyam से जुड़े MSME लाभ, PMEGP, CGTMSE ऋण गारंटी, Stand-Up India, Startup India (DPIIT मान्यता), निर्यातकों के लिए RoDTEP / ड्यूटी ड्रॉबैक और Export Promotion Mission
§7निर्यात के लिए
- Sports Goods Export Promotion Council (SGEPC)
- Export Promotion Council for Handicrafts (EPCH) - हाथ से बने / पारंपरिक खिलौने
- DGFT
§8फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- भारत खिलौनों का शुद्ध निर्यातक बन गया है, 2025-26 में 152 मिलियन US$ का व्यापार अधिशेष [PIB 2282116]
- आयातित खिलौनों पर 70% कस्टम ड्यूटी घरेलू निर्माताओं को बचाती है [PIB 2290441]
- जालंधर और मेरठ में निर्यात ख़रीदारों वाले जमे हुए खेल-सामान क्लस्टर [DGCI&S 2025]
नुकसान
- हर खिलौने को बेचने से पहले BIS लाइसेंस और जाँच चाहिए [PIB 2290441]
- भारत सरकार की कोई अलग खिलौना नीति नहीं है [PIB 2290441]
- 2024-25 में HSN-95 का निर्यात भारत के कुल निर्यात का केवल 0.13% है - दुनिया में छोटी हिस्सेदारी [DGCI&S 2025]
- इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों में चीनी और दूसरे सस्ते आयात अब भी मुक़ाबला करते हैं
