§1किसके लिए
- खाद्य प्रोसेसिंग इकाइयाँ, कोल्ड चेन, प्राथमिक प्रोसेसिंग / संग्रह केंद्र, बड़ी/मेगा खाद्य परियोजनाएँ, पशु आहार इकाइयाँ
- FPO, JV, NGO, उत्पादक कंपनियाँ, सहकारी समितियाँ, स्वयं सहायता समूह (SHG), निजी कंपनियाँ, रिटेल चेन, सोसाइटी, साझेदारी फ़र्में, एकल मालिक
काम की है अगर
खाद्य, पशु आहार, कोल्ड चेन और FPO परियोजनाएँ, ख़ासकर जनजातीय ITDP ज़िलों में।
समय न लगाएँ अगर
जो इकाइयाँ उसी परियोजना के लिए पहले से JIIPP/MSME नीति का लाभ ले रही हैं।
§2पात्रता
- नई इकाइयाँ, या नीति की अवधि में आधुनिकीकरण/विस्तार/विविधीकरण करने वाली मौजूदा इकाइयाँ
- कोल्ड चेन: इनमें से कम से कम दो - (a) खेत स्तर का न्यूनतम प्रोसेसिंग केंद्र, (b) रीफ़र/मोबाइल कूलिंग ट्रक, (c) कोल्ड स्टोरेज वाला वितरण केंद्र; इरेडिएशन अकेले भी हो सकता है
- बड़ी/मेगा/अल्ट्रा-मेगा: परियोजना लागत Rs 50 करोड़ से ज़्यादा (ज़मीन और कार्यशील पूँजी छोड़कर)
- SC/ST/महिला/दिव्यांग का अतिरिक्त लाभ सिर्फ़ प्रमाणपत्र वाले झारखंड निवासियों को
- इस नीति का लाभ लेने वाली इकाई झारखंड सरकार के दूसरे वित्तीय लाभ नहीं ले सकती; धारा 8 की श्रेणियाँ एक-दूसरे से अलग हैं (एक ही चुनी जा सकती है)
§3लाभ
- प्रोसेसिंग इकाइयाँ: आकलित परियोजना लागत का 35% CPIS, Rs 15 करोड़ तक (सामान्य क्षेत्र) / 45%, Rs 20 करोड़ तक (ITDP क्षेत्र); 5 साल ब्याज सब्सिडी 5%, Rs 2 करोड़ तक (सामान्य) / 6%, Rs 3 करोड़ तक (ITDP)
- कोल्ड चेन और संरक्षण: CPIS 35%, Rs 10 करोड़ तक (सामान्य) / 45%, Rs 15 करोड़ तक (ITDP); ब्याज 5%, Rs 2 करोड़ तक / 6%, Rs 3 करोड़ तक
- प्राथमिक प्रोसेसिंग / संग्रह केंद्र: परियोजना लागत का CPIS 50% (सामान्य) / 75% (ITDP), अधिकतम Rs 5 करोड़
- SC/ST/महिला/दिव्यांग: सीमा के ऊपर CPIS +5%; ODOP कच्चा माल इस्तेमाल करने वाली इकाइयाँ: उसी सीमा में CPIS +5%
- स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन 100% (रैयतों से पहली ख़रीद); पेटेंट 50%, Rs 5 लाख तक (राष्ट्रीय) / Rs 10 लाख तक (अंतरराष्ट्रीय); गुणवत्ता प्रमाणन 100%, Rs 20 लाख तक
- राज्य के अंदर ख़रीद पर मंडी शुल्क 100% वापस; बंदरगाह तक परिवहन सब्सिडी हर साल Rs 20 लाख तक; बाज़ार विकास सहायता JIIPP 2021 जैसी (स्टॉल शुल्क का 75% / महिलाओं को 90%)
§4नियम — सहायता का तरीका
- CPIS बैंक/वित्तीय संस्था से आकलित या CA से प्रमाणित (अपने पैसे से) परियोजना लागत पर, ज़मीन, कार्यशील पूँजी और शुरुआती ख़र्च छोड़कर
- Common Incentive Disbursement Guidelines के अनुसार भुगतान: व्यावसायिक उत्पादन के बाद 50% साल 1 में और 50% साल 3 में
- DoP के 6 महीने के अंदर CPIS का दावा करें, वरना मंज़ूर CPIS पर हर महीने 2% जुर्माना, 25% तक
- शामिल नहीं होने वाले निर्माण कार्य: चारदीवारी, पहुँच सड़क, प्रशासनिक दफ़्तर, शौचालय, मज़दूर आवास, ज़मीन, गेस्ट हाउस, गार्ड रूम, परामर्श, टैक्स
- शामिल नहीं होने वाली P&M: खपत वाला सामान/स्पेयर, कंप्यूटर/फ़र्नीचर, वाहन, लगाने का ख़र्च, पुरानी मशीनें, भाड़ा, CCTV, स्टेशनरी
§5दस्तावेज़
जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।
DoP प्रमाणपत्र
§6आवेदन कैसे करें
- 1
झारखंड सिंगल विंडो पोर्टल (Common Application Form) से आवेदन करें
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- ITDP (जनजातीय) क्षेत्रों में प्राथमिक प्रोसेसिंग/संग्रह केंद्रों को 75% तक CPIS (पैरा 8.3)
- ब्याज सब्सिडी और CPIS दोनों साथ; मंडी शुल्क पूरा वापस (8.1, 9.4)
नुकसान
- देर से दावे पर जुर्माना: CPIS का हर महीने 2%, 25% तक (पैरा 15.3)
- झारखंड के किसी दूसरे लाभ के साथ नहीं जोड़ सकते (15.2)
→मिलती-जुलती योजनाएँ
झारखंड खाद्य प्रोसेसिंग नीति 2024 में मदद चाहिए?
पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।
हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।
¶स्रोत
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
