§1किसके लिए

  • UP में A&D (एयरोस्पेस और रक्षा) निर्माण इकाइयाँ, MSME, स्टार्टअप, वेंडर, एंकर और MRO इकाइयाँ — ख़ासकर छह कॉरिडोर नोड में: आगरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ, झाँसी, चित्रकूट

काम की है अगर

UP कॉरिडोर नोड में इकाई लगाने या बढ़ाने को तैयार निर्माता

समय न लगाएँ अगर

बिना निर्माण निवेश वाले व्यापारी या सेवा फ़र्में

§2पात्रता

  1. इकाई को कम से कम एक शर्त पूरी करनी होगी: A&D सामग्री/उपकरण की आपूर्ति करती हो; पहली बार A&D में आने वाला स्टार्टअप/MSME हो; A&D इकाइयों से अनुदान/सप्लाई ऑर्डर मिले हों; विदेशी OEM के साथ MoU या ऑफ़सेट सप्लाई ऑर्डर हो; थल सेना, नौसेना, वायु सेना, अर्धसैनिक बल, DRDO आदि के लिए असेंबली/निर्माण/डिज़ाइन किया हो; भारतीय या विदेशी A&D OEM के लिए निर्माण/परीक्षण/आपूर्ति करती हो; ज़रूरी लाइसेंस वाली नई A&D इकाई हो; A&D MRO इकाई हो
  2. MSME (भारत सरकार के MSME Act की परिभाषा अनुसार) A&D आपूर्तिकर्ता माना जाएगा अगर उसके टर्नओवर का कम से कम 50% निर्माण से हो और वह A&D श्रृंखला में एंकर/वेंडर इकाइयों या DPSU को आपूर्ति करता हो
  3. स्टार्टअप: DPIIT-मान्यता प्राप्त और A&D में काम कर रहा हो या आ रहा हो
  4. वेंडर इकाई: एंकर वाले ही क्लस्टर में हो और अपने उत्पादन का कम से कम 40% एंकर को देती हो
  5. एंकर: निवेश ₹200 करोड़ से अधिक या 1,000 सीधी नौकरियाँ (बुंदेलखंड/पूर्वांचल, झाँसी, चित्रकूट नोड सहित); ₹300 करोड़ से अधिक या 1,500 नौकरियाँ (मध्यांचल/पश्चिमांचल, आगरा, अलीगढ़, कानपुर, लखनऊ नोड सहित); मेगा एंकर ₹1,000 करोड़ से अधिक
  6. विस्तार/विविधीकरण पात्र, अगर नए निवेश से सकल ब्लॉक (gross block) कम से कम 25% बढ़े
  7. प्रभावी तिथि के बाद निवेश करना और Letter of Comfort/पक्का आवंटन लेना ज़रूरी; इस नीति का लाभ लेने वाली इकाइयाँ UP की अन्य राज्य नीतियों के प्रोत्साहन नहीं ले सकतीं (भारत सरकार की योजनाएँ ले सकती हैं)

§3लाभ

  • पात्र पूँजी निवेश पर बाद में मिलने वाली (back-ended) पूँजी सब्सिडी 25% (पश्चिमांचल और मध्यांचल) या 35% (बुंदेलखंड और पूर्वांचल)
  • कॉरिडोर में ज़मीन लीज़ पर, 10 वर्ष तक ज़मीन की लागत का 1% और उसके बाद 1.5% (UPEIDA)
  • कॉरिडोर में ज़मीन पर कुल बिक्री मूल्य की 25% छूट (मेगा एंकर और एंकर इकाइयाँ)
  • ज़मीन की ख़रीद/लीज़ पर 100% स्टांप ड्यूटी छूट (बैंक गारंटी पर)
  • परिवहन सब्सिडी 50%: आयातित प्लांट और मशीनरी पर ₹5 करोड़ तक; तैयार माल पर 5 वर्ष तक ₹5 करोड़ प्रति वर्ष तक
  • ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर सब्सिडी 25%, ₹1 करोड़ तक
  • CFC / कौशल केंद्र के लिए पूँजी लागत का 50%, प्रति केंद्र ₹10 करोड़ तक
  • महिला उद्यमी: सभी सब्सिडी पर 2% अतिरिक्त
  • MSME/स्टार्टअप को 5 वर्ष तक मार्केटिंग सहायता: ₹15 लाख तक (एक अंतरराष्ट्रीय आयोजन/वर्ष), ₹5 लाख (एक राष्ट्रीय आयोजन/वर्ष)
  • पेटेंट फ़ीस की भरपाई: घरेलू 100%, अंतरराष्ट्रीय 50% तक, प्रति इकाई अधिकतम ₹25 लाख (पेटेंट मिलने के बाद)
  • MSME के लिए गुणवत्ता प्रमाणन (AS 9100, NADCAP आदि): फ़ीस का 100%, प्रति इकाई प्रति वर्ष ₹1 लाख तक; ट्रेडमार्क फ़ीस 100%, प्रति वर्ष ₹1 लाख तक
  • प्रति इकाई 20 लोगों तक का प्रशिक्षण ख़र्च, प्रति व्यक्ति प्रति माह ₹10,000 तक, 1 वर्ष के लिए
  • CoE (उत्कृष्टता केंद्र) को प्रति संस्थान प्रति वर्ष ₹10 करोड़ तक सहायता

§4नियम — सहायता का तरीका

  1. पूँजी सब्सिडी बराबर वार्षिक किस्तों में: कुल ₹500 करोड़ तक 5 वर्ष में; ₹500–1,000 करोड़ 10 वर्ष में; ₹1,000 करोड़ से ऊपर 15 वर्ष में
  2. कट-ऑफ़ तिथि से पात्र निवेश अवधि: मेगा एंकर 7 वर्ष; एंकर 5 वर्ष; MSME/वेंडर/स्टार्टअप 4 वर्ष
  3. आयातित पुरानी मशीनरी 40% तक पूँजी सब्सिडी में गिनी जाती है
  4. अपात्र: कार्यशील पूँजी, गुडविल, शुरुआत से पहले के ख़र्च, पूँजीकृत ब्याज, तकनीक/जानकारी (know-how), परामर्श, रॉयल्टी, डिज़ाइन, पेटेंट, लाइसेंस, सॉफ़्टवेयर, IPR
  5. पात्र पूँजी निवेश में विकसित ज़मीन, भवन, अन्य निर्माण, प्लांट और मशीनरी, बुनियादी सुविधाएँ शामिल
  6. प्रभावी तिथि से 5 वर्ष पहले तक शुरू हुई परियोजनाएँ तभी गिनी जाएँगी जब उत्पादन उसके बाद शुरू हो और 80% निवेश उसके बाद हुआ हो
  7. एंकर अपनी ज़मीन के 20% तक पर वेंडर इकाइयाँ लगा सकते हैं
  8. मंज़ूरी की प्रक्रिया UP IIEPP 2022 जैसी; भुगतान के लिए UPEIDA नोडल एजेंसी; Nivesh Mitra के साथ ऑनलाइन प्रोत्साहन पोर्टल (OIMS) की योजना

§5दस्तावेज़

जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।

§6आवेदन कैसे करें

  1. 1

    ज़मीन/प्रोत्साहन के लिए UPEIDA और Nivesh Mitra सिंगल विंडो से आवेदन करें

  2. 2

    नीति के तहत Letter of Comfort लें; उत्पादन के बाद UPEIDA से भुगतान का दावा करें

§7फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • देखी गई सबसे ऊँची A&D पूँजी सब्सिडी में से: 25–35%, बाद में मिलने वाली — UP नीति 2024
  • कॉरिडोर में सस्ती ज़मीन: 10 वर्ष तक 1% वार्षिक लीज़ किराया — UP नीति 2024
  • MSME के लिए ख़ास मदद: प्रमाणन, पेटेंट, व्यापार मेला सहायता — UP नीति 2024
  • UP में तीन DTIS परीक्षण सुविधाएँ मंज़ूर — PIB Jul 2025

नुकसान

  • पूँजी सब्सिडी बाद में, 5–15 वर्षों में मिलती है — UP नीति 2024
  • UP की अन्य राज्य नीतियों के साथ नहीं जोड़ सकते — UP नीति 2024
  • AS9100/NADCAP के ख़र्च के मुक़ाबले प्रमाणन भरपाई कम है (₹1 लाख प्रति वर्ष) — UP नीति 2024
  • विस्तृत प्रक्रिया हिंदी SOP/शासनादेशों में है; अंग्रेज़ी पाठ केवल May 2026 में अपलोड हुआ

→मिलती-जुलती योजनाएँ

UP A&D Policy 2024 में मदद चाहिए?

पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।

हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।

स्रोत

  1. UP Aerospace & Defence Unit and Employment Promotion Policy 2024 — English text (Invest UP, uploaded 19 May 2026)
  2. UP Govt notification no. 04/2025/192/77-6-2025 dated 24 Jan 2025 notifying the A&D Policy 2024 (Hindi)
  3. Invest UP — A&D Policy 2024 (First Amendment) page
  4. Invest UP — SOP for implementation of UP A&D Policy 2024 (12 Jun 2025, Hindi)
  5. PIB, MoD — DTIS testing facility at Tiruchirappalli (28 Jul 2025, Release ID 2149370), mirrored by GlobalSecurity

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.