§1आपके पास सरकारी सहायता
§2एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP)
Herbal Products
सरकार इस उत्पाद को ज़िले की पहचान बना रही है — इसके लिए क्लस्टर, प्रशिक्षण, मार्केटिंग और निर्यात की मदद पहले मिलती है। इसी उत्पाद में व्यापार शुरू करना अक्सर सबसे आसान रास्ता होता है।
§3सब्सिडी ज़ोन
राज्य नीति की ज़ोन सूची में इस ज़िले का नाम नहीं है — या तो राज्य ज़ोन नहीं बनाता, या ज़ोन ब्लॉक/तहसील के हिसाब से है। अपने ब्लॉक का ज़ोन ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) से पूछें।
§4उत्तराखंड की योजनाएँ — यहाँ भी मिलती हैं
- MSY 2.0चालूबैंक कर्ज़ पर मार्जिन मनी (सब्सिडी): क्षेत्र और श्रेणी के अनुसार परियोजना लागत का 15%-30%, साथ में 5% बूस्टर
- उत्तराखंड MSME पूँजी सब्सिडीचालूवर्कशॉप भवन + प्लांट और मशीनरी पर पूँजी सब्सिडी, क्षेत्र श्रेणी और आकार के अनुसार; प्राथमिकता वाली श्रेणियों को 5-10% अतिरिक्त
- उत्तराखंड ब्याज सब्सिडीचालूब्याज का सूक्ष्म 4%, लघु 3%, मध्यम 2%, अधिकतम 3 साल, क्षेत्र के अनुसार सालाना सीमा के साथ
- उत्तराखंड स्टांप और बिजली शुल्कचालूज़मीन पर स्टांप ड्यूटी की वापसी: श्रेणी A और B 100%, श्रेणी C 75%, श्रेणी D 50%
- उत्तराखंड मंडी शुल्क और गुणवत्ताचालू5 साल तक मंडी शुल्क वापसी: श्रेणी A 50% (हर इकाई को साल में अधिकतम ₹5 लाख), श्रेणी B 50% (अधिकतम ₹3 लाख)
- UK Mega Policy 2025चालूपूँजी सब्सिडी: Large 10% (अधिकतम ₹20 करोड़, 8 साल); Ultra Large 12% (₹60 करोड़, 10 साल); Mega 15% (₹150 करोड़, 12 साल); Ultra-Mega 20% (₹400 करोड़,…
§5कहाँ जाएँ
- ज़िला उद्योग केंद्र (DIC), Pauri Garhwal — राज्य की सब्सिडी योजनाओं और ODOP की फ़ाइल यहीं जमा होती है; PMEGP में भी DIC एक कार्यान्वयन एजेंसी है।
- लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) — ज़िले के बैंकों के समन्वयक; कर्ज़ अटके तो इनसे मिलें।
- उद्यम रजिस्ट्रेशन (udyamregistration.gov.in) — सरकारी पोर्टल पर मुफ़्त।
