§1यह बिज़नेस क्या है
गेहूँ साफ़ करके पीसकर आटा बनाया जाता है और 1/5/10 kg के पैकेट में बेचा जाता है। ख़रीदार हैं किराना, होटल-ढाबा, मेस और घर। छोटी चक्की गाँव में पिसाई (जॉब वर्क) भी करती है।
क्षमता: 200 kg प्रति घंटा; 4,80,000 kg प्रति साल (60% से 80% क्षमता उपयोग, NIFTEM)।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
गेहूँ पट्टी (यूपी, एमपी) के कस्बे का व्यक्ति, जो स्थानीय किराना और होटल नेटवर्क बना सके।
किसके लिए नहीं
जो बिना किसी अलग ख़ूबी के महानगर में बड़े ब्रांडों से टक्कर लेने की सोचता हो।
फ़ायदे
- आटा रोज़ की ज़रूरत — माँग पक्की
- यूपी में गेहूँ स्थानीय मिलता है
- छोटी चक्की से शुरू करके पैकेट ब्रांड तक बढ़ सकते हैं
- PMFME में 35% सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख) मिलती है
नुकसान
- शहर में बड़े ब्रांडों (आशीर्वाद आदि) से मुक़ाबला
- मार्जिन पतला, गेहूँ का दाम सरकारी MSP/बाज़ार पर निर्भर
- बिजली का ख़र्च ज़्यादा
- FSSAI और पैकेजिंग नियमों का पालन
कौन-से हुनर चाहिए
- गेहूँ की क्वालिटी पहचानना
- मशीन का रखरखाव
- स्टॉक/सीज़न की योजना
- स्थानीय ब्रांडिंग और वितरण
कठिनाई 2/5 क्यों: प्रक्रिया आसान; असली मेहनत कच्चा माल ख़रीदने और बेचने में।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- घर
- बेकरी और खाद्य कारोबार
- होटल और रेस्टोरेंट
कैसे बिकता है
- किराना दुकानें
- सुपरमार्केट और आधुनिक खुदरा दुकानें
- स्थानीय परिवारों के लिए पिसाई (चक्की सेवा)
जानने लायक
- NIFTEM DPR के अनुसार पैक्ड आटा लगभग 21% सालाना बढ़ रहा था और 2020-21 में ₹20,000 करोड़ तक पहुँच सकता था।
- पैक्ड आटा अब भी ज़्यादातर शहरी है: पैक्ड बाज़ार का 90% से ज़्यादा हिस्सा शहरों में है।
- NIFTEM DPR में पहले साल एक पैकेट ₹35 में बिकता है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| साइलो, 2.5 टन | 2 | ₹2 lakh (₹1 lakh each) |
| वाइब्रेटिंग प्री-क्लीनर, 400 किलो/घंटा | 1 | ₹1.50 lakh |
| हेवी-ड्यूटी पल्वराइज़र मिल, 450 किलो/घंटा | 1 | ₹5 lakh |
| आटा छानने की मशीन (सिफ़्टर), 300 किलो/घंटा | 2 | ₹3.50 lakh (₹1.75 lakh each) |
| आटा जाँच किट (नमी) | — | ₹2 lakh |
| पैकेट भरने और पैक करने की मशीन | 1 | ₹2.20 lakh |
| बिन, एलिवेटर, कन्वेयर और माल ढोने के अन्य उपकरण | — | ₹8.20 lakh |
| छोटी इकाई: पल्वराइज़र और सहायक सामान | — | ₹16,600 |
| छोटी इकाई: डबल-स्टेज पल्वराइज़र | — | ₹17,800 |
| छोटी इकाई: भूनने की मशीन (रोस्टर) | — | ₹20,500 |
| छोटी इकाई: तराज़ू | — | ₹8,000 |
| छोटी इकाई: सीलिंग मशीन | — | ₹3,000 |
स्रोत: NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Wheat Flour Mill Unit (2021) · ni-msme Hyderabad project profiles compiled on Bihar Udyami portal (Project_profiles.pdf)
- साबुत गेहूँNIFTEM DPR में पहले साल ₹18 प्रति किलो
- पैकिंग सामग्रीखाद्य-योग्य प्लास्टिक पाउच
स्रोत: NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Wheat Flour Mill Unit (2021)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Shiva Analyticals (India) Private Limited · Hoskote →Intertek India Private Limited (Food Services) · Hyderabad →Vimta Labs Limited · Hyderabad →Interfield Laboratories · Kochi →National Commodities Management Services Limited - NCML Labs · Gurugram →Fare Labs Private Limited · Gurugram →Edward Food Research and Analysis Centre Limited · Barasat →VJS Phytosanitary Service Private Limited (Food Testing Laboratory), Tuticorin · Thoothukudi →Lilaba Analytical Laboratories LLP, Surat · Surat →Avon Food Lab · Delhi →Envirocare Labs Private Limited · Thane →Vsix Analytical Labs Pvt. Ltd., Bengaluru · Bengaluru →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस/पंजीकरण (टर्नओवर के हिसाब से)
- उद्यम (Udyam)
- GST
- विधिक माप विज्ञान (Legal Metrology) (पैकेज्ड वस्तु)
- UPPCB सहमति (धूल के लिए — श्रेणी जाँच लें)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- AIFCentralअस्पष्ट3% ब्याज छूट, ₹2 करोड़ तक
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CM YUVAUPचालू₹5 लाख तक, बिना ब्याज
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
यह सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण है — PMFME (35% ऋण-से-जुड़ी सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख) सीधे लागू (DPR ख़ुद PMFME के लिए बनी है)। PMEGP भी। प्राथमिक प्रसंस्करण होने से AIF ब्याज छूट मिल सकती है। छोटी चक्की CM-YUVA/MUDRA में।
§7पैसा
निवेश का आधार: न्यूनतम = ni-msme छोटी आटा मिल प्रोफ़ाइल की कुल परियोजना लागत ₹2.50 लाख (भवन ₹0.25 लाख + पल्वराइज़र/रोस्टर ₹1.25 लाख + कार्यशील पूँजी ₹1.00 लाख, किराए पर 100 वर्ग मीटर)। अधिकतम = NIFTEM PMFME DPR ₹35.04 लाख (मशीनरी ₹24.40 लाख, अन्य परिसंपत्तियाँ ₹1.20 लाख, कार्यशील पूँजी ₹9.44 लाख; जगह किराए की)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): NIFTEM: कार्यशील पूँजी ₹9.44 लाख, जिसमें बैंक CC ₹8.50 लाख। सीज़न में गेहूँ सस्ता ख़रीदकर स्टॉक करना पड़ता है।
NIFTEM DPR 2021; ni-msme प्रोफ़ाइल का वर्ष छपा नहीं है। मशीन और गेहूँ दोनों महँगे हो चुके हैं।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- DGFT अधिसूचना 34/2026-27 (24 अगस्त 2026) से गेहूँ के आटे (ITC(HS) 1101 00 00) का निर्यात फिर से 'मुक्त' हुआ; इससे पहले यह प्रतिबंधित था और केवल कोटा वाली अनुमति से होता था।
- हर निर्यात सौदे से पहले DGFT की ताज़ा नीति देखें; 2022 से यह नियम कई बार बदला है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- गेहूँ का दाम/MSP बदलना
- बिजली का ख़र्च
- ब्रांडों से मुक़ाबला
- खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: आटा चक्की / फ्लोर मिल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस/पंजीकरण (टर्नओवर के हिसाब से), उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
आटा चक्की / फ्लोर मिल शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
- NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Wheat Flour Mill Unit (2021)
- ni-msme Hyderabad project profiles compiled on Bihar Udyami portal (Project_profiles.pdf)
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
