§1यह बिज़नेस क्या है

चना या अरहर (तुअर) को साफ़ करके, छिलका उतारकर और दो फाड़ करके दाल बनाई जाती है; छिलका/चूनी पशु-आहार में बिकती है। ख़रीदार हैं थोक व्यापारी, किराना, होटल और संस्थागत ख़रीदार। मंडी के पास होने से कच्चा माल सस्ता मिलता है।

क्षमता: चना दाल 4,56,000 kg प्रति साल; तुअर दाल 4,32,000 kg प्रति साल।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

अनाज व्यापार का अनुभव रखने वाला, जो मंडी भाव समझता हो।

किसके लिए नहीं

जो व्यापार के दाँव-पेंच नहीं जानता — दाल मिल असल में व्यापार + प्रसंस्करण है।

फ़ायदे

  • दाल हर थाली में — माँग स्थिर
  • मंडी कस्बों में कच्चा माल आसानी से
  • उप-उत्पाद (चूनी/छिलका) भी बिकता है
  • PMFME/AIF जैसी योजनाओं में लागू

नुकसान

  • टर्नओवर बड़ा पर मार्जिन बहुत पतला (~0.5–2%)
  • दाल के दाम सरकारी स्टॉक सीमा/आयात नीति से हिलते हैं
  • कार्यशील पूँजी बहुत लगती है
  • रिकवरी (दाल की उपज) कम हुई तो घाटा

कौन-से हुनर चाहिए

  • मंडी भाव और ग्रेडिंग
  • उपज/रिकवरी पर नियंत्रण
  • स्टॉक प्रबंधन
  • थोक नेटवर्क

कठिनाई 3/5 क्यों: पतला मार्जिन और बड़ी कार्यशील पूँजी — व्यापार की समझ ज़रूरी।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • घर (दाल रोज़ के खाने का हिस्सा है और शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का मुख्य स्रोत है)
  • होटल, रेस्टोरेंट और कैंटीन
  • छात्रावास और मेस जैसी संस्थाएँ

कैसे बिकता है

  • मंडी के अनाज थोक व्यापारी और दाल व्यापारी
  • किराना दुकानें
  • सुपरमार्केट में अपना पैक्ड ब्रांड

जानने लायक

  • कच्ची दाल सबसे बड़ा ख़र्च है: चना DPR में पहले साल ₹178.20 लाख, इसलिए फ़सल के समय सही ख़रीद से ही मुनाफ़ा तय होता है।
  • चना DPR में कार्यशील पूँजी (₹9.44 लाख) मशीनों की लागत से ज़्यादा है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
चना इकाई: बकेट एलिवेटर, 200 किलो/घंटा1₹50,400
चना इकाई: रील मशीन, 200 किलो/घंटा1₹45,000
चना इकाई: कन्वेयर1₹45,000
चना इकाई: एमरी रोल छिलका उतारने की मशीन, 200 किलो/घंटा1₹50,000
चना इकाई: दाल पॉलिशर, 200 किलो/घंटा1₹55,000
चना इकाई: दाल दलने की मशीन (18 इंच चक्की)1₹95,000
चना इकाई: डी-स्टोनर, 200–250 किलो/घंटा1₹78,000
चना इकाई: भंडारण टंकी, 50 टन1₹1.50 lakh
चना इकाई: भिगोने के बर्तन5₹10,000 (₹2,000 each)
अरहर इकाई: हॉरिज़ॉन्टल साइक्लोन सेपरेटर1₹65,000
अरहर इकाई: डी-स्टोनर, 300 किलो/घंटा1₹52,000
अरहर इकाई: एमरी रोल छिलका उतारने की मशीन, 300 किलो/घंटा1₹50,000
अरहर इकाई: क्लासिफ़ायर सेपरेटर1₹2.50 lakh
अरहर इकाई: दाल दलने की मशीन, 400 किलो/घंटा1₹1.75 lakh
अरहर इकाई: दाल ग्रेडर, 300–400 किलो/घंटा1₹1.10 lakh
अरहर इकाई: अनलोडिंग बिन, 120 लीटर2₹4,200 (₹2,100 each)
अरहर इकाई: धूल इकट्ठा करने का बिन, 1,100 लीटर1₹25,500
अरहर इकाई: साइलो, 50 टन1₹4.50 lakh

स्रोत: NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Dal Mill (Gram Based) Unit (2021) · NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Tur Dal Mill Unit (2021)

  • चनासीधे किसानों से ख़रीदा जाता है; ₹67–80 प्रति किलो (DPR में पहले साल ₹67.50)
  • अरहर (तुअर)सीधे किसानों से ख़रीदी जाती है; DPR में पहले साल ₹80 प्रति किलो
  • पैकिंग सामग्रीतैयार दाल के लिए

स्रोत: NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Dal Mill (Gram Based) Unit (2021) · NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Tur Dal Mill Unit (2021)

कच्चे माल के डेटाबेस में

अरहर (तूर) →चना →मूँग →उड़द →मसूर →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस
  2. उद्यम (Udyam)
  3. GST
  4. मंडी लाइसेंस (ख़रीद के लिए)
  5. UPPCB सहमति (धूल)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMFME (DPR उसी के लिए), AIF (प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए ब्याज छूट), PMEGP और CGTMSE लागू; MUDRA ₹20 लाख तक।

§7पैसा

निवेश का आधार: NIFTEM PMFME DPR: दाल मिल (चना) ₹17.72 लाख (मशीनरी ₹5.78 लाख, अन्य ₹2.50 लाख, कार्यशील पूँजी ₹9.44 लाख); तुअर दाल मिल ₹22.46 लाख (मशीनरी ₹11.82 लाख, अन्य ₹1.20 लाख, कार्यशील पूँजी ₹9.44 लाख)। जगह किराए की।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): दोनों में कार्यशील पूँजी ₹9.44 लाख (बैंक CC ₹8.50 लाख) — फ़सल के समय थोक ख़रीद।

DPR 2021।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

0713.20चना (काबुली/देसी), सूखा और छिला हुआ0713.60अरहर (कैजेनस कैजान), सूखी और छिली हुई

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • दालें APEDA की सूची वाले उत्पाद हैं; निर्यात से पहले APEDA में पंजीकरण (RCMC) और IEC ज़रूरी है।
  • दालों की निर्यात नीति देश में उपलब्धता के हिसाब से बदलती है; हर सौदे से पहले DGFT देखें।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • दालों का दाम और स्टॉक-सीमा नीति
  • पतला मार्जिन
  • कार्यशील पूँजी फँसना
  • भंडारण में कीड़े

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: दाल मिल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

दाल मिल शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Dal Mill (Gram Based) Unit (2021)
  2. NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Tur Dal Mill Unit (2021)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।