§1यह बिज़नेस क्या है

तीर्थ कस्बे, पर्यटन कस्बे या ज़िला मुख्यालय में 700–1,000 वर्ग फ़ुट का कैफ़े जो मोटे अनाज के व्यंजन नए अंदाज़ में परोसता है: मंडुआ थाली, मिलेट डोसा और इडली, झंगोरे की खीर, मिलेट खिचड़ी, मोमो और पराँठे, मंडुआ ब्राउनी, रामदाना लड्डू और मिलेट शेक, तीर्थयात्रियों के लिए व्रत और सात्त्विक विकल्प भी। एक शेल्फ़ पर स्वयं सहायता समूहों और FPO का मंडुआ आटा, झंगोरा, मिलेट नमकीन और लड्डू बिकते हैं। त्योहार हैम्पर, खाना बनाने की कार्यशाला और इवेंट कैटरिंग से अतिरिक्त कमाई।

क्षमता: प्रति कैफ़े: साल में लगभग ₹120 के 25,000 भोजन, ₹80 के 10,000 पैक उत्पाद, ₹350 के 1,000 हैम्पर, ₹200 की 500 कार्यशाला सीटें और ₹1,500 के 200 कैटरिंग ऑर्डर — कुल ₹45–50 लाख सालाना।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

कैफ़े, कैंटीन या घर के खाने का अनुभव रखने वाला व्यक्ति — महिला स्वयं सहायता समूह भी — जिसे स्थानीय भोजन पर भरोसा हो।

किसके लिए नहीं

जिसे खाना बनाने या परोसने का अनुभव न हो और जो रोज़ मौजूद न रह सके।

फ़ायदे

  • देश भर में मोटे अनाज को सेहतमंद 'श्री अन्न' के रूप में बढ़ावा
  • तीर्थयात्री और पर्यटक हल्का, सात्त्विक और व्रत का भोजन चाहते हैं
  • कच्चा अनाज सस्ता; व्यंजनों पर 60–150% मार्जिन
  • भोजन के अलावा पैक उत्पाद और हैम्पर से कमाई

नुकसान

  • कुछ लोग अब भी मोटे अनाज को ग़रीबी का भोजन मानते हैं
  • साफ़, अच्छी गुणवत्ता के अनाज की पक्की सप्लाई नहीं
  • मोटे अनाज के व्यंजन अच्छी तरह जानने वाले रसोइये कम
  • पर्यटकों की भीड़ मौसमी

कौन-से हुनर चाहिए

  • मोटे अनाज से खाना बनाना और रेसिपी पक्की करना
  • खाद्य स्वच्छता और FSSAI नियम
  • कैफ़े चलाना और स्टाफ़ संभालना
  • सोशल मीडिया और स्थानीय प्रचार

कठिनाई 2/5 क्यों: साधारण निवेश; सफलता स्वादिष्ट, एक जैसे खाने और अच्छी जगह पर टिकी है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • तीर्थयात्री और पर्यटक
  • छात्र और दफ़्तर जाने वाले
  • सेहत का ध्यान रखने वाले परिवार और मधुमेह रोगी
  • योग केंद्र, होमस्टे और स्कूल (कैटरिंग)

कैसे बिकता है

  • बैठकर खाना और पैक करवाना
  • पैक उत्पादों की शेल्फ़ और त्योहार हैम्पर
  • फ़ूड डिलीवरी ऐप और गूगल मैप्स
  • खाना बनाने की कार्यशाला और इवेंट कैटरिंग

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल के अनुसार मोटे अनाज के उत्पादों का बाज़ार लगभग ₹500 करोड़ है, जो 15–20% सालाना बढ़ रहा है।
  • सुझाए कस्बे: हरिद्वार, ऋषिकेश, अल्मोड़ा, नैनीताल, मसूरी, देहरादून, हल्द्वानी, जोशीमठ और गुप्तकाशी।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
व्यावसायिक गैस चूल्हा, 3–4 बर्नर और ग्रिल—₹15,000–18,000
व्यावसायिक फ़्रिज, 300–400 लीटर—₹25,000–30,000
भारी मिक्सर ग्राइंडर, 750–1,000 W—₹5,000–7,000
व्यावसायिक इंडक्शन प्लेट, 2,000 W—₹4,000–5,000
बिजली का बेकिंग ओवन, 20–40 लीटर (वैकल्पिक)—₹10,000–15,000
स्टील के बर्तन: बड़े भगोने, ट्रे, कलछी—₹10,000–12,000
फ़र्नीचर और डिस्प्ले रैक—₹40,000–50,000
ब्रांडिंग और साइनबोर्ड—₹8,000–12,000

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Devbhoomi Millet Café Chain in Uttarakhand

  • मंडुआ, झंगोरा, रामदानास्वयं सहायता समूहों और FPO से हर महीने 500–1,000 किलो
  • घी, गुड़, मसालेहर महीने 200–300 किलो
  • ताज़ी सब्ज़ियाँ और दालेंरोज़ स्थानीय बाज़ार से

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Devbhoomi Millet Café Chain in Uttarakhand

कच्चे माल के डेटाबेस में

बाजरा →ज्वार →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस
  2. उद्यम (Udyam)
  3. GST (तय सीमा से ऊपर)
  4. स्थानीय निकाय से ट्रेड / भोजनालय लाइसेंस
  5. ज़रूरत हो तो अग्नि सुरक्षा NOC

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

प्रोफ़ाइल MUDRA, PMEGP, DUY और PMFME का नाम लेती है; महिला स्वयं सहायता समूहों को NRLM सहायता और मोटे अनाज वाले ज़िलों में ODOP सब्सिडी मिल सकती है।

§7पैसा

निवेश का आधार: रसोई उपकरण और औज़ार ₹2.00–2.50 लाख + कैफ़े की सजावट ₹3.00–4.00 लाख + 6 महीने की कार्यशील पूँजी ₹4.00–4.50 लाख + ब्रांडिंग और शुरुआत ₹0.80–1.00 लाख + FSSAI और अन्य ₹0.50 लाख = प्रति कैफ़े ₹12.30–14.50 लाख। पैसा: प्रमोटर ₹2–3 लाख, MUDRA/PMEGP लोन ₹6–8 लाख, DUY/PMFME सब्सिडी ₹3–5 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): परियोजना लागत में छह महीने की कार्यशील पूँजी ₹4.00–4.50 लाख।

प्रोफ़ाइल पर साल छपा नहीं है — रसोई उपकरण और किराए के आज के दाम पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

कैफ़े स्थानीय भोजन सेवा है; पैक मोटे अनाज उत्पाद आगे राज्य के बाहर बेचे जा सकते हैं।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • ख़ाली मौसम में कम ग्राहक
  • अनाज की गुणवत्ता में फ़र्क
  • रसोइयों का छोड़कर जाना
  • सफ़ाई में चूक से साख बिगड़ना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: मोटे अनाज (श्री अन्न) का कैफ़े की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI पंजीकरण या लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. Uttarakhand DUY project profile — Devbhoomi Millet Café Chain in Uttarakhand

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।