कहानी
1900 के दशक की शुरुआत में तमिलनाडु और देश के दूसरे हिस्सों से आए चर्मकार और चमड़ा कारीगर धारावी में बसे, जब यह इलाक़ा शहर के किनारे था। प्रदूषण नियमों के कारण बाद में चमड़ा पकाने (टैनिंग) का काम बाहर चला गया, लेकिन तैयार माल का काम यहीं रहा: कटाई, सिलाई और बैग, बेल्ट, जूते व जैकेट बनाना। 90 फ़ीट रोड के शोरूम आम ग्राहकों और थोक ख़रीदारों दोनों को बेचते हैं, और कई निर्यात घराने यहाँ की इकाइयों को जॉब-वर्क देते हैं।
आँकड़ों में
धारावी लेदर गुड्स क्लस्टर (SPV: धारावी लेदर गुड्स क्लस्टर प्राइवेट लिमिटेड) में 100 चालू इकाइयाँ, लगभग ₹1,500 लाख का कारोबार और 1,000 लोगों को रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Mumbai District, MSME-DI (Ministry of MSME) · 2012क्लस्टर के मुख्य उत्पाद: महिलाओं के हैंडबैग, जूते और सेफ़्टी शू, सोफ़ा सेट और अन्य चमड़ा उत्पाद।
Brief Industrial Profile of Mumbai District, MSME-DI (Ministry of MSME) · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- ब्रांड और निर्यात घरानों के लिए जॉब-वर्क सिलाई
- हाथ से बने चमड़े के बैग और बटुए ऑनलाइन बेचना
- कार्यशालाओं को तैयार चमड़ा, ज़िप, बकल और अस्तर की आपूर्ति
- कॉरपोरेट उपहार: डायरी, बटुए और लैपटॉप बैग
क्लस्टर की मुश्किलें
- धारावी पुनर्विकास से इकाइयों को हटना पड़ सकता है
- तंग जगह, आग का ख़तरा और काम की ख़राब स्थितियाँ
- सस्ता आयात और सिंथेटिक चमड़ा
- ज़्यादातर अनौपचारिक इकाइयाँ, बैंक कर्ज़ तक कम पहुँच
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
चमड़े के बैग बनाना →चमड़े के बटुए और पर्स →चमड़े की कमर पेटी (बेल्ट) बनाना →चमड़े के जूते बनाना →चमड़े की जैकेट बनाना →जूते-चप्पल और चमड़ा सामान यूनिट →
