कहानी
1500 के दशक में पुर्तगाली पहाड़ियों पर मिट्टी का कटाव रोकने के लिए गोवा में काजू लाए, और गोवा के लोगों ने जल्द ही काजू फल के रस को गाँव की छोटी भट्टियों में उर्राक और फ़ेनी में बदलना सीख लिया। बाद में गोवा में काजू कारख़ाने बढ़े, जो पर्यटकों और पूरे भारत के लिए गिरी भूनते, तोड़ते और ग्रेड करते हैं। फ़ेनी 2009 में भारत के शुरुआती खाद्य-पेय GI में थी, और गोवा काजू को 2023 में अपना GI मिला।
आँकड़ों में
फ़ेनी पंजीकृत GI है (आवेदन संख्या 120, प्रमाणपत्र संख्या 105, दिनांक 05-03-2009); आवेदक गोवा काजू फ़ेनी डिस्टिलर्स एंड बॉटलर्स एसोसिएशन है।
GI Registry (IP India) – Application No. 120, Feni · 2009गोवा काजू पंजीकृत GI है (आवेदन संख्या 714, प्रमाणपत्र संख्या 506, दिनांक 03-10-2023); आवेदकों में गोवा काजू मैन्युफ़ैक्चरर्स एसोसिएशन शामिल है।
GI Registry (IP India) – Application No. 714, Goa Cashew (Kaju or Caju) · 2023
GI टैग
- Feniआवेदन संख्या GI Application No. 120, Certificate No. 105 (05-03-2009)GI Registry (IP India) – Application No. 120, Feni
- Goa Cashew (Kaju or Caju)आवेदन संख्या GI Application No. 714, Certificate No. 506 (03-10-2023)GI Registry (IP India) – Application No. 714, Goa Cashew (Kaju or Caju)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- लाइसेंस वाली छोटी फ़ेनी भट्टियाँ और फ़ेनी पर्यटन (भट्टी भ्रमण)
- पर्यटकों और ऑनलाइन के लिए GI टैग वाले ब्रांडेड काजू पैक
- अभी बर्बाद होने वाले काजू फल से रस, सिरप और जैम
- मशीन से काजू तोड़ने और छीलने की इकाइयाँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- काजू बाग़ घट रहे हैं और पेड़ पुराने हो रहे हैं
- उत्पाद शुल्क नियम और गोवा के बाहर सीमित बिक्री
- आयातित कच्चा काजू स्थानीय फ़सल से सस्ता
- युवा पारंपरिक आसवन छोड़ रहे हैं
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
काजू और नारियल फ़ेनी आसवनी →काजू प्रसंस्करण →काजू फल (कैश्यू एप्पल) सिरप →काजू छिलका तेल (CNSL) →
