कहानी
कोंडापल्ली में खिलौने बनाने की कला लगभग चार सौ साल पुरानी है और राजस्थान से आए कारीगरों से जुड़ी है। कारीगर स्थानीय नरम तेल्ला पोनिकी लकड़ी तराशते हैं, इमली के बीज के लेप से हिस्से जोड़ते हैं और चटख रंगों से रँगते हैं। गाँव के जीवन और देवताओं वाले खिलौना सेट संक्रांति और दशहरा की गुड़िया सजावट में लोकप्रिय हैं। कोंडापल्ली बोम्मल्लु को जीआई टैग मिला है।
आँकड़ों में
लगभग 110 परिवारों के करीब 500 कारीगर कोंडापल्ली खिलौने बनाकर गुज़ारा करते हैं (2010)।
Playing safe with local craft (Deccan Herald) · 2010डीसी-एमएसएमई की राज्य प्रोफ़ाइल में कोंडापल्ली को आंध्र प्रदेश के लकड़ी के खिलौना क्लस्टरों में गिना गया है।
Andhra Pradesh State Industrial Profile 2014-15 (MSME-DI Hyderabad, DC-MSME) · 2015
GI टैग
- Kondapalli Bommalluआवेदन संख्या GI application no. 44Registration details of Geographical Indications (IP India GI Registry)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- संक्रांति और नवरात्रि के लिए गुड़िया सेट ऑनलाइन बेचें
- कंपनियों के उपहार
- विजयवाड़ा आने वाले पर्यटकों के लिए खिलौना कार्यशालाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- तेल्ला पोनिकी लकड़ी की कमी
- सस्ते आयातित खिलौने
- कम युवा कारीगर
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
लकड़ी के खिलौने बनाना (लाख वाले खराद खिलौने) →लकड़ी के खिलौने और सजावटी सामान →स्थानीय हस्तशिल्प और खिलौना बनाने का स्कूल →
