कहानी
1960 के दशक से चरणों में बना ओखला औद्योगिक क्षेत्र दिल्ली के निर्यात कपड़ा घरानों का मुख्य केंद्र बना। यहाँ के निर्यातक यूरोप और अमेरिका के ब्रांडों के लिए कढ़ाई और हाथ के काम वाले फ़ैशन कपड़ों के लिए जाने जाते हैं। कई ने उत्पादन नोएडा, गुरुग्राम और दूसरे राज्यों में भेज दिया है, पर डिज़ाइन, सैंपल और दफ़्तर ओखला में रखे हैं। इलाक़े में छपाई, पैकेजिंग और हल्की इंजीनियरिंग इकाइयाँ भी हैं।
आँकड़ों में
ओखला उन दस क्लस्टरों में है — कोलकाता, मुंबई, तिरुपुर, लुधियाना, इंदौर, बेल्लारी, जयपुर, बेंगलुरु और चेन्नई के साथ — जहाँ देश का 80 प्रतिशत कपड़ा उत्पादन होता है।
ICRIER — What explains India's poor performance in garments exports: evidence from five clusters?
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- निर्यातकों के लिए हाथ की कढ़ाई और सीक्वेन जॉब-वर्क
- सैंपल और पैटर्न बनाने की सेवा
- जाँच और नियम-पालन सलाह
- पैकिंग और सजावटी सामान की आपूर्ति
क्लस्टर की मुश्किलें
- दिल्ली में ऊँचा किराया और कम जगह
- मज़दूरों की कमी
- बांग्लादेश और वियतनाम से दाम का मुकाबला
- ख़रीदारों की सख़्त नियम-पालन जाँच
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
ज़री और सिल्क कढ़ाई →कंप्यूटराइज़्ड कढ़ाई (जॉब वर्क) →रेडीमेड कपड़ा इकाई (बच्चों के रोम्पर) →कपड़ा स्क्रीन प्रिंटिंग इकाई (साड़ी और कपड़ा) →बुने हुए लेबल (वोवन लेबल) निर्माण →
