कहानी
पूर्वी दिल्ली का गांधी नगर बँटवारे के बाद बढ़ा, जब शरणार्थी परिवारों ने सिलाई की दुकानें और छोटी कपड़ा वर्कशॉप लगाईं। यह थोक बाज़ार बना जहाँ देश भर के व्यापारी सस्ते सिले-सिलाए कपड़े ख़रीदते हैं, जिनमें से ज़्यादातर इसी इलाक़े की छोटी इकाइयों में सिलते हैं। दिल्ली सरकार ने इसे एशिया का सबसे बड़ा रेडीमेड कपड़ा बाज़ार बताया और इसे गारमेंट हब बनाने की योजना बनाई। इलाक़े में पार्किंग, सफ़ाई और परिवहन की सुविधाएँ नहीं हैं।
आँकड़ों में
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री के अनुसार गांधी नगर बाज़ार का रोज़ का कारोबार ₹100 करोड़ से ज़्यादा है और यह 1 लाख सीधे और 2 से 3 लाख परोक्ष रोज़गार देता है।
FashionNetwork — Government to invest in Gandhi Nagar market to create apparel hub · 2022
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- छोटे शहरों की दुकानों के लिए थोक कपड़े ख़रीदना
- गांधी नगर के व्यापारियों के लिए सिलाई, धुलाई या फ़िनिशिंग का जॉब-वर्क
- सस्ते कपड़ों की ऑनलाइन रीसेलिंग
- बाहर के ख़रीदारों के लिए ढुलाई और पार्सल बुकिंग
क्लस्टर की मुश्किलें
- पार्किंग नहीं, ख़राब सफ़ाई और परिवहन
- भीड़ वाली इमारतों में आग का ख़तरा
- ऑनलाइन थोक ऐप से मुकाबला
- सस्ते कपड़ों में कम मुनाफ़ा
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