कहानी
पूर्वोत्तर के लिए कर छूट के कारण देश की कई बड़ी दवा कंपनियों ने पूर्व और दक्षिण सिक्किम में तीस्ता घाटी की सड़क के किनारे, रंगपो के आसपास कारख़ाने लगाए। ये कारख़ाने देश और निर्यात के लिए दवाएँ बनाते हैं। आज दवाएँ राज्य के निर्यात में सबसे आगे हैं, और राज्य सरकार रोज़गार और स्थानीय मुद्दों पर कंपनियों से बात करती है।
आँकड़ों में
सिक्किम के कुल निर्यात में दवाओं और संबंधित उपकरणों का हिस्सा लगभग 63% है।
Sikkim: State Economy and Industries (IBEF) · 20262025-26 में सिक्किम का कुल वस्तु निर्यात ₹211 करोड़ था, जिसमें दवाएँ सबसे आगे थीं।
Sikkim: State Economy and Industries (IBEF) · 2026जुलाई 2026 में सिक्किम के राज्यपाल ने लोक भवन में राज्य की प्रमुख दवा कंपनियों से मिलकर उनके कामकाज की समीक्षा की।
Press release: Governor meets pharmaceutical companies at Lok Bhawan (IPR Department, Govt of Sikkim) · 2026
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- कारख़ानों को पैकेजिंग, छपाई और डिब्बों की आपूर्ति
- कैंटीन, परिवहन, सफ़ाई और सुरक्षा के ठेके
- प्रयोगशाला जाँच, कैलिब्रेशन और रखरखाव सेवाएँ
- प्लांट ऑपरेटरों का कौशल प्रशिक्षण
क्लस्टर की मुश्किलें
- पहाड़ी सड़कें और भूस्खलन आपूर्ति रोकते हैं
- ज़्यादातर कच्चा माल राज्य के बाहर से आता है
- कर प्रोत्साहनों पर निर्भरता
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
कैप्सूल खोल और दवा की ब्लिस्टर फ़ॉइल →दवा की गोलियाँ बनाने की यूनिट →ऑफ़सेट प्रिंटिंग इकाई →
