§1किसके लिए

  • 24 फ़रवरी 2025 को या उसके बाद उत्पादन शुरू करने वाली नई विनिर्माण MSME; विस्तार/विविधीकरण/तकनीक उन्नयन करने वाली मौजूदा इकाइयाँ

काम की है अगर

MP में नई छोटी विनिर्माण इकाइयाँ

समय न लगाएँ अगर

व्यापारी और वे सेवाएँ जो किसी विशेष पैकेज में नहीं आतीं

§2पात्रता

  1. विनिर्माण MSME (MSMED अधिनियम की परिभाषा); सेवा केवल वहाँ जहाँ नीति विशेष पैकेज देती है
  2. अनुलग्नक-1 की अपात्र गतिविधियाँ (जैसे व्यापार, तंबाकू, पान मसाला, स्टोन क्रशर, खनन, तेल शोधन, आरा मिल, लकड़ी का कोयला, केवल छपाई, ₹50 करोड़ से कम प्लांट और मशीनरी वाला सीमेंट)
  3. विस्तार: नया निवेश कम से कम 30% या ₹1 करोड़ (प्लांट और मशीनरी ₹10 करोड़ तक) / 30% या ₹10 करोड़ (उससे ऊपर), जो कम हो; इकाई MSME बनी रहनी चाहिए
  4. MSME विकास नीति 2021 की रोज़गार शर्तें पूरी करनी होंगी
  5. राज्य की केवल एक नीति चुनें, जब तक कोई नीति खुद को अतिरिक्त न बताए

§3लाभ

  • प्लांट और मशीनरी ₹10 करोड़ तक: पात्र निवेश (प्लांट और मशीनरी + भवन + सूचीबद्ध मदें) का 40% औद्योगिक विकास सब्सिडी के रूप में, 4 बराबर सालाना किस्तों में
  • महिला/SC/ST इकाइयों को 4 साल तक हर साल +2% (SC/ST महिलाओं को 2.5%); बिक्री का 25–50% निर्यात हो तो हर साल +2%, 50% से ज़्यादा निर्यात पर हर साल +3%
  • ₹10 करोड़ से ऊपर प्लांट और मशीनरी, मध्यम सीमा तक: 40% तक निवेश प्रोत्साहन सहायता, 7 बराबर सालाना किस्तों में, गुणकों के साथ

§4नियम — सहायता का तरीका

  1. भवन की लागत प्लांट और मशीनरी लागत के 100% तक गिनी जाती है (फार्मा के लिए 200%)
  2. गुणक (₹10 करोड़ से ऊपर): सकल आपूर्ति मूल्य अधिकतम 1 (साल 1 में 40% क्षमता उपयोग ज़रूरी); निर्यात 1.0–1.3; रोज़गार 1.0–1.5 (100 से 2,500 कर्मचारी); प्राथमिकता ब्लॉक 1.3; FDI 1.1–1.2
  3. अगर कम से कम 50% बिजली खुद इस्तेमाल हो तो नवीकरणीय संयंत्र की लागत प्लांट और मशीनरी+भवन के 20% तक गिनी जाती है
  4. कुल सहायता स्थायी पूंजी निवेश से ज़्यादा नहीं हो सकती

§5दस्तावेज़

प्रकाशित नहीं

गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।

§6आवेदन कैसे करें

  1. 1

    DTIC को ऑनलाइन आवेदन करें; ₹10 करोड़ तक प्लांट और मशीनरी पर ज़िला स्तरीय सहायता समिति (अध्यक्ष कलेक्टर) फ़ैसला करती है; उससे ऊपर राज्य स्तरीय अधिकार प्राप्त समिति (मुख्य सचिव)

§7फ़ायदे और नुकसान

फ़ायदे

  • छोटी इकाइयों के लिए आसान 40% पूंजी जैसी सब्सिडी, 4 साल में (नीति 7.1.1)
  • महिला/SC/ST और निर्यातकों को अतिरिक्त प्रतिशत (नीति 7.1.1)

नुकसान

  • ₹10 करोड़ से ऊपर, क्षमता उपयोग 40% से नीचे जाए तो सहायता घटती है (नीति 7.1.2)
  • प्राथमिकता ब्लॉकों की सूची DIPIP के पास है, MSME नीति में नहीं (शब्दावली xxii)

→मिलती-जुलती योजनाएँ

MP MSME विकास सब्सिडी / निवेश सहायता (IDS/IPA) में मदद चाहिए?

पात्रता जाँच, DPR और आवेदन फ़ाइल — WhatsApp पर पूछें।

हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।

स्रोत

  1. Madhya Pradesh MSME Development Policy 2025 (Dept of MSME, GoMP)
  2. Madhya Pradesh MSME Protsahan Yojana 2025 (Hindi scheme document)
  3. Dept of MSME, MP — Policies page

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.