§1किसके लिए
- MP की विनिर्माण MSME (कुछ मदें योजना 2.5 के अनुसार 24 फ़रवरी 2025 से पहले शुरू हुई इकाइयों के लिए भी)
काम की है अगर
BIS/ISI/AGMARK या पेटेंट चाहने वाली MSME
समय न लगाएँ अगर
सेवा फर्में
§2पात्रता
नीति अवधि के दौरान किया गया खर्च
- ऊर्जा ऑडिट सहायता ₹10 करोड़ तक प्लांट और मशीनरी वाली इकाइयों के लिए
§3लाभ
- गुणवत्ता प्रमाणन (ISO/BIS/BEE/ISI/FPO/AGMARK): कुल ₹20 लाख तक 100% प्रतिपूर्ति
- केवल निर्यात के लिए गुणवत्ता प्रमाणन: 50%, ₹50 लाख तक
- ZED: लागत का 10% (सूक्ष्म), 20% (लघु), 25% (मध्यम)
- LEAN: भारत सरकार के हिस्से के बाद बाकी राशि; या OEE-सक्षम मशीनों का 50%, ₹15 लाख तक
- पेटेंट/IPR: हर पेटेंट पर 100%, ₹10 लाख तक
- ऊर्जा ऑडिट 50%, ₹50,000 तक; उपकरण 25%, ₹5 लाख तक
- हरित (कचरा, प्रदूषण नियंत्रण, सुरक्षा, जल संरक्षण): 50%, ₹50 लाख तक (प्लांट और मशीनरी ₹10 करोड़ तक) या ₹250 लाख (उससे ऊपर)
- 5+ MSME द्वारा CETP: 50%, ₹100 लाख / ₹300 लाख तक
§4नियम — सहायता का तरीका
- कुल सीमा के अंदर कई प्रमाणन ले सकते हैं
§5दस्तावेज़
प्रकाशित नहीं
गाइडलाइन में दस्तावेज़ों की सूची नहीं दी गई है। आवेदन से पहले पोर्टल या बैंक से पूछ लें — हम अंदाज़े से सूची नहीं बनाते।
§6आवेदन कैसे करें
- 1
MP MSME प्रोत्साहन योजना 2025 के अनुसार DTIC / उद्योग निदेशालय को आवेदन करें
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- ₹20 लाख तक गुणवत्ता प्रमाणन की 100% प्रतिपूर्ति (नीति 7.2)
- पेटेंट सहायता 100%, हर एक पर ₹10 लाख तक (नीति 7.3)
नुकसान
- ZED प्रतिपूर्ति केवल 10–25%
→मिलती-जुलती योजनाएँ
MP गुणवत्ता और हरित सहायता में मदद चाहिए?
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हमारा हितमदद हमारी पेड सेवा है। योजना में आवेदन आप ख़ुद भी कर सकते हैं।
¶स्रोत
18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। केवल जानकारी के लिए — विभाग या बैंक से पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताएँ.
