कहानी
अलंग के समुद्र तट पर ज्वार बहुत ऊँचा उठता है और ढलान हल्की है, इसलिए बड़े जहाज़ ऊँचे ज्वार में किनारे पर लाए जाते हैं और भाटे में काटे जाते हैं। यह यार्ड बढ़कर दुनिया का सबसे बड़ा जहाज़ तोड़ने का स्थल बन गया, जो गुजरात भर की स्टील री-रोलिंग मिलों को कच्चा माल देता है। अलंग-त्रापज सड़क के किनारे पुराने सामान के बाज़ार जहाज़ के फ़र्नीचर से लेकर इंजन तक सब बेचते हैं।
आँकड़ों में
अलंग-सोसिया में 183 जहाज़ तोड़ने के प्लॉट हैं, जिनकी कुल क्षमता 45 लाख लाइट डिस्प्लेसमेंट टन है (अप्रैल 2025)।
World's largest shipbreaking yard sees sharp decline in ship dismantling (Marine Insight) · 2025वित्त वर्ष 2024-25 में 113 जहाज़ तोड़ने के लिए लाए गए, जबकि 2011-12 में यह संख्या सबसे ज़्यादा 415 थी।
World's largest shipbreaking yard sees sharp decline in ship dismantling (Marine Insight) · 2025दिसंबर 2025 तक अलंग-सोसिया के 106 यार्ड को हांगकांग कन्वेंशन अनुपालन प्रमाण मिल चुका था; हर यार्ड ने अनुपालन पर 5.6 लाख से 12 लाख डॉलर ख़र्च किए।
'No work': India's Alang, the world's largest graveyard of ships, is dying (Al Jazeera) · 2025
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- अलंग सड़क पर जहाज़ के पुराने सामान का व्यापार
- स्टील मिलों को री-रोल स्क्रैप की सप्लाई
- यार्ड के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण सप्लाई
- गैस कटिंग और लॉजिस्टिक्स सेवाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- रीसाइक्लिंग के लिए कम जहाज़ आना
- बांग्लादेश, पाकिस्तान और तुर्की से होड़
- कामगारों की सुरक्षा और रहने की स्थिति
- तट पर कटाई को लेकर पर्यावरण चिंताएँ
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
धातु कबाड़ रीसाइक्लिंग यूनिट →इस्तेमाल हुए लुब्रिकेंट तेल का पुनः शोधन →कबाड़ से अपसाइकल्ड फ़र्नीचर →
