कहानी
राजकोट का सोनी बाज़ार लंबे समय से सुनारों का केंद्र रहा है, जो सौराष्ट्र और पूरे भारत के व्यापारियों के लिए गहने बनाते हैं। ज़्यादातर काम छोटी, अक्सर बिना पंजीकरण वाली वर्कशॉप में होता है, जहाँ कारीगर काम करते-करते सीखते हैं। शहर चाँदी के गहने और बड़ी मात्रा में इमिटेशन आभूषण भी बनाता है।
आँकड़ों में
रत्न एवं आभूषण क्लस्टर में लगभग 5,000 इकाइयाँ (ज़्यादातर बिना पंजीकरण), ₹1,000 करोड़ का कारोबार, ₹200 करोड़ का निर्यात और 35,000 कामगार थे (ज़िला प्रोफ़ाइल 2012-13)।
Brief Industrial Profile of Rajkot District 2012-13 (MSME-DI Rajkot, Ministry of MSME) · 2013
GI टैग
- Rajkot Patolaआवेदन संख्या GI Application No. 380Registration details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- आभूषण थोक व्यापारियों के लिए जॉब-वर्क
- हॉलमार्किंग और जाँच सेवाएँ
- इमिटेशन आभूषण बनाना और ऑनलाइन बेचना
- कास्टिंग और CAD डिज़ाइन सेवाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- ज़्यादातर इकाइयाँ बिना पंजीकरण और कार्यशील पूँजी की कमी
- पुरानी तकनीक
- धुएँ और धूल से कामगारों के स्वास्थ्य को ख़तरा
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
हस्तशिल्प आभूषण इकाई →कृत्रिम (आर्टिफ़िशियल) गहनों की दुकान →चश्मे के फ़्रेम और आभूषणों पर सोने की परत (जॉब वर्क) →पीतल (धातु) आभूषण निर्माण →
