कहानी
लूणी नदी के किनारे बसा बालोतरा उत्तर भारत में बिकने वाले सस्ते सूती और मिश्रित कपड़ों की छपाई और रंगाई का केंद्र बना। बालोतरा, जसोल और बिठूजा औद्योगिक क्षेत्रों की इकाइयाँ साझा अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र इस्तेमाल करती हैं। लूणी के प्रदूषण पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण में बार-बार मामले चले और बंदी के आदेश आए।
आँकड़ों में
NGT द्वारा बनाई गई संयुक्त समिति ने बिठूजा में 191 चालू ब्लीचिंग इकाइयाँ दर्ज कीं, जो सभी वहाँ के 30 MLD साझा अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र की सदस्य हैं (अप्रैल 2021)।
Joint Committee Report in OA No. 202 of 2016, Balotra Textile Hand Processors Association vs RSPCB (National Green Tribunal) · 2021
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- छपाई और रंगाई जॉब-वर्क
- अपशिष्ट जल शोधन और ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज सेवाएँ
- उत्तर भारत के बाज़ारों में कपड़ा व्यापार
क्लस्टर की मुश्किलें
- लूणी नदी और भूजल का प्रदूषण
- प्रदूषण बोर्ड के बंदी आदेश
- पानी की कमी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
कपड़ा छपाई (स्क्रीन प्रिंटिंग) →दुपट्टा रँगाई (कलरिंग और डाइंग) यूनिट →कपड़ा स्क्रीन प्रिंटिंग इकाई (साड़ी और कपड़ा) →
