कहानी
पश्चिमी राजस्थान की सूखी, रेतीली मिट्टी में ग्वार कम पानी में अच्छी तरह उगता है। फलोदी की मिलें ग्वार के बीज को तोड़कर गम पाउडर बनाती हैं, जो खाने, कपड़े और ख़ासकर तेल व गैस की खुदाई में काम आता है। दुनिया में खुदाई की माँग के साथ निर्यात तेज़ी से घटता-बढ़ता है।
आँकड़ों में
फलोदी के ग्वार गम क्लस्टर में 60 इकाइयाँ, लगभग ₹1,000 करोड़ सालाना कारोबार, 1,050 कामगार और ₹950 करोड़ सालाना निर्यात था (जोधपुर ज़िला प्रोफ़ाइल 2015-16)।
Brief Industrial Profile of Jodhpur District 2015-16 (MSME-DI Jaipur, Ministry of MSME) · 2016
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- ग्वार की अनुबंध खेती और बीज सप्लाई
- पशु आहार के लिए ग्वार मील
- जाँच और निर्यात दस्तावेज़
क्लस्टर की मुश्किलें
- ख़राब बीज और कम पैदावार
- कच्चे माल और उत्पाद के दामों में तेज़ उतार-चढ़ाव
- मुद्रा विनिमय दर में बदलाव
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
मसाला / स्पाइस ग्राइंडिंग यूनिट →कोल्ड स्टोरेज (आलू, 2000 टन) →
