कहानी
शहर बसाते समय जयपुर के राजाओं ने रत्न तराशने वालों और जौहरियों को बुलाया, और तब से जौहरी बाज़ार में रत्नों का व्यापार होता आया है। आज जयपुर रंगीन रत्नों की कटाई का दुनिया का प्रमुख केंद्र है, जहाँ अफ़्रीका, ब्राज़ील और दूसरे देशों से कच्चे पत्थर आते हैं। निर्यात इकाइयाँ सीतापुरा SEZ और EPIP में हैं, और GJEPC वहाँ एक जेम बोर्स बना रहा है।
आँकड़ों में
2024-25 में जयपुर से रत्न और आभूषण निर्यात 2 अरब डॉलर से ज़्यादा रहा (GJEPC, जून 2026)।
Jaipur Gem & Jewellery Bourse set for groundbreaking this month (GJEPC Solitaire, 2 June 2026) · 2026प्रस्तावित जयपुर जेम एंड ज्वेलरी बोर्स सीतापुरा में 43,828 वर्ग मीटर में होगा, और 2028 से चरणों में कब्ज़ा मिलेगा (GJEPC, जून 2026)।
Jaipur Gem & Jewellery Bourse set for groundbreaking this month (GJEPC Solitaire, 2 June 2026) · 2026इस उद्योग में 2,00,000 से ज़्यादा लोगों के साथ राजस्थान का भारत के रत्न और आभूषण निर्यात में ₹1,650 करोड़ का हिस्सा था (राज्य प्रोफ़ाइल 2015-16)।
State Industrial Profile of Rajasthan 2015-16 (MSME-DI Jaipur, Ministry of MSME) · 2016
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- निर्यातकों के लिए रत्न कटाई जॉब-वर्क
- ऑनलाइन बिक्री के लिए चाँदी और फ़ैशन आभूषण
- रत्न जाँच और प्रमाणन
- आभूषण CAD डिज़ाइन और कास्टिंग
क्लस्टर की मुश्किलें
- कच्चे पत्थरों की अनिश्चित सप्लाई
- नक़ली और उपचारित रत्न
- धूल से स्वास्थ्य जोखिम
- कार्यशील पूँजी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
रत्न कटाई और पॉलिश →हस्तशिल्प आभूषण इकाई →कृत्रिम (आर्टिफ़िशियल) गहनों की दुकान →चश्मे के फ़्रेम और आभूषणों पर सोने की परत (जॉब वर्क) →
