कहानी
बोकारो स्टील प्लांट 1960 के दशक के अंत और 1970 के दशक की शुरुआत में सोवियत सहायता से दामोदर घाटी के कोयले के पास बना। इसके चारों ओर नियोजित स्टील शहर बसा, साथ में सहायक और फ़ैब्रिकेशन इकाइयाँ। पास का भेंड्रा गाँव हाथ और खेती के औज़ार बनाने वाला पारंपरिक लोहार क्लस्टर है।
आँकड़ों में
भेंड्रा लोहार/हाथ-फ़ोर्जिंग क्लस्टर में 143 चालू इकाइयाँ, ₹173.04 लाख का कारोबार और 450 लोगों का रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Bokaro District, MSME-DI Ranchi, Ministry of MSME · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- स्टील प्लांट के लिए पुर्ज़े और रखरखाव जॉब-वर्क
- भेंड्रा के लोहारों के ब्रांडेड हाथ और बगीचे के औज़ार
- प्लांट-ग्रेड चादर से स्टील फ़र्नीचर और बक्से
क्लस्टर की मुश्किलें
- एक ही स्टील प्लांट पर निर्भरता
- लोहारों के पुराने औज़ार और कम उत्पादकता
- कारख़ाने में बने औज़ारों से मुकाबला
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
खेती के औज़ार, छुरी-काँटे और हाथ के औज़ार →स्टील ट्रंक (संदूक) बनाने की इकाई →एमएस फैब्रिकेशन / स्टील फर्नीचर यूनिट →इंजीनियरिंग वर्कशॉप (जॉब वर्क और मरम्मत) →
