कहानी
हज़ारीबाग़ क्षेत्र की महिलाएँ फ़सल त्योहार पर मिट्टी की दीवारों पर सोहराई चित्र और शादी के कमरों में खोवर कला बनाती हैं, जिसमें मिट्टी के रंग और कंघी से कटे पैटर्न होते हैं। कलाकार इस परंपरा को कागज़, कैनवास और रेलवे स्टेशनों समेत सार्वजनिक दीवारों तक ले गए हैं। 'सोहराई–खोवर पेंटिंग' GI पंजीकृत है।
आँकड़ों में
जिन प्रकाशित स्रोतों को हम खोल सके, उनमें इस क्लस्टर के ताज़ा आँकड़े नहीं हैं।
GI टैग
- Sohrai – Khovar Paintingआवेदन संख्या Application No. 658Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- सार्वजनिक भवनों, होटलों और स्टेशनों के लिए भित्ति-चित्र ठेके
- चित्रों और चित्रित उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री
- चित्रित गाँवों में शिल्प पर्यटन
क्लस्टर की मुश्किलें
- क्षेत्र के बाहर कम ख़रीदार
- छपी हुई नकल
- महिला कलाकारों को उचित दाम की ज़रूरत
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
लोक कला और कला दीर्घा का ऑनलाइन मार्केटप्लेस →सामुदायिक ग्राम पर्यटन →ग्रामीण पर्यटन (गाँव में ठहराव) →
