कहानी
कच्छ के पशुपालक और कारीगर समुदायों ने अपनी अलग कलाएँ बनाईं: खत्री परिवार प्राकृतिक रंगों से अजरख छापते हैं, रबारी और दूसरे समुदाय कढ़ाई करते हैं, और वणकर बुनकर ऊनी और सूती शॉल बनाते हैं। 2001 के भूकंप के बाद कई कारीगरों ने भुज के पास अजरखपुर जैसे नए गाँवों में अपनी वर्कशॉप फिर से बनाईं। रण पर्यटन और डिज़ाइन संस्थानों से नए ख़रीदार आए हैं।
आँकड़ों में
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GI टैग
- Kutch Embroideryआवेदन संख्या GI Application No. 103Registration details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
- Kachchh Shawlsआवेदन संख्या GI Application No. 174Registration details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
- Kutch Ajrakhआवेदन संख्या GI Application No. 1050Registration details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
- Kutch Bandhaniआवेदन संख्या GI Application No. 756Registration details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
- Kutch Rogan Craftआवेदन संख्या GI Application No. 718Registration details of Geographical Indications (GI Registry, IP India)
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- GI लेबल के साथ कारीगर उत्पाद ऑनलाइन बेचना
- फ़ैशन ब्रांडों के साथ डिज़ाइन सहयोग
- शिल्प पर्यटन और होमस्टे
- प्राकृतिक रंगों की सप्लाई
क्लस्टर की मुश्किलें
- सस्ती स्क्रीन-प्रिंट नक़ल
- युवाओं का शिल्प छोड़ना
- रंगाई के लिए पानी की कमी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
हाथ की ठप्पा छपाई इकाई (छपे सूट) →हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →लोक कला और कला दीर्घा का ऑनलाइन मार्केटप्लेस →होमस्टे (बेड एंड ब्रेकफ़ास्ट) →सामुदायिक ग्राम पर्यटन →
