कहानी
मिरज एक रियासत थी जिसके शासकों ने शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा दिया, और शहर में किराना घराने के अब्दुल करीम ख़ाँ समेत कई गायक और संगीतकार आए। स्थानीय कारीगरों ने, जिनमें कई सिकलगर समुदाय से थे, पास के खेतों के सूखे तुंबे और पकी लकड़ी से सितार और तानपुरे बनाने और सुधारने शुरू किए। यह हुनर पीढ़ियों से परिवारों में चला आ रहा है, और मिरज सितार और तानपुरे को 2024 में GI टैग मिला।
आँकड़ों में
मिरज तानपुरा पंजीकृत GI है (आवेदन संख्या 791, प्रमाणपत्र संख्या 580, दिनांक 30-03-2024); आवेदक सोलट्यून म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड है।
GI Registry (IP India) – Application No. 791, Miraj Tanpura · 2024मिरज सितार पंजीकृत GI है (आवेदन संख्या 793, प्रमाणपत्र संख्या 582, दिनांक 30-03-2024); आवेदक मिरज म्यूज़िकल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर है।
GI Registry (IP India) – Application No. 793, Miraj Sitar · 2024
GI टैग
- Miraj Tanpuraआवेदन संख्या GI Application No. 791, Certificate No. 580 (30-03-2024)GI Registry (IP India) – Application No. 791, Miraj Tanpura
- Miraj Sitarआवेदन संख्या GI Application No. 793, Certificate No. 582 (30-03-2024)GI Registry (IP India) – Application No. 793, Miraj Sitar
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- विदेश के छात्रों और कलाकारों को GI टैग वाले वाद्यों की ऑनलाइन बिक्री और निर्यात
- संगीत विद्यालयों के लिए मरम्मत, तार बदलने और सुर मिलाने की सेवाएँ
- सहायक सामान: तार, घोड़ी, कवर और केस
- पर्यटकों के लिए संगीत-वाद्य कार्यशालाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- अच्छे तुंबे और पकी लकड़ी की कमी
- धीमा, कुशल काम और कम युवा शागिर्द
- सस्ते कारख़ाना-निर्मित वाद्यों से प्रतियोगिता
- छोटी और अनियमित माँग
