कहानी
शांतिपुर सदियों से बुनकरों का शहर रहा है और महीन सूती साड़ियों के लिए जाना जाता है। विभाजन के बाद पूर्वी बंगाल के तांगाइल बुनकर फुलिया और शांतिपुर में बसे और अपने डिज़ाइन लाए, जो अब 'टांगाइल साड़ी ऑफ़ बंगाल' नाम से GI पंजीकृत हैं। फुलिया में भारतीय हथकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान बुनकरों और डिज़ाइनरों को प्रशिक्षण देता है।
आँकड़ों में
जिन प्रकाशित स्रोतों को हम खोल सके, उनमें इस क्लस्टर के ताज़ा आँकड़े नहीं हैं।
GI टैग
- Santipore Sareeआवेदन संख्या Application No. 138Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
- Tangail Saree of Bengalआवेदन संख्या Application No. 702Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- बुनकर सहकारी समितियों से खरीदकर साड़ियाँ ऑनलाइन या महानगरों के बुटीक में बेचें
- बुनकरों के लिए डिज़ाइन सेवा और नए रंग
- धागा रंगाई और साड़ी फ़िनिशिंग इकाइयाँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- पावरलूम की नकल को हथकरघा बताकर बेचना
- बुनकरों की कम मज़दूरी और बढ़ती उम्र
- सूती धागे के बढ़ते दाम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →साड़ी रोलिंग और पॉलिशिंग →साड़ी रंगाई और छपाई →हथकरघा गमछा →
