कहानी
ग्रामीण हावड़ा में उलुबेड़िया के आसपास के गाँवों ने शटलकॉक बनाना घरेलू काम के रूप में अपनाया, जहाँ बत्तख और हंस के पंख छाँटकर हाथ से कॉर्क में लगाए जाते हैं। यह काम छोटी पारिवारिक इकाइयों के लिए उपयुक्त है और छँटाई, कटाई और सिलाई में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। एक पंजीकृत सहकारी समिति अब साझा सुविधाओं के लिए क्लस्टर की विशेष इकाई (SPV) है।
आँकड़ों में
उलुबेड़िया शटलकॉक क्लस्टर में 100 चालू इकाइयाँ, ₹10 करोड़ का कारोबार और 6,000 लोगों का रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Howrah District, MSME-DI Kolkata, Ministry of MSME · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- घरेलू इकाइयों से तैयार शटल खरीदकर खेल दुकानों और ऑनलाइन बेचें
- निर्माताओं को छँटे हुए पंख, कॉर्क और गोंद सप्लाई करें
- ब्रांडेड शटल के लिए गुणवत्ता जाँच और पैकिंग इकाई लगाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- पंखों की आपूर्ति और दाम में उतार-चढ़ाव
- चीनी और नायलॉन शटल से मुकाबला
- अनुसंधान और जाँच सुविधाओं की कमी (ज़िला प्रोफ़ाइल के अनुसार)
