कहानी
पुरुलिया के पलाश, कुसुम और बेर के जंगलों में लाख का कीट पलता है, और आदिवासी परिवार लंबे समय से लाख उगाते और इकट्ठा करते रहे हैं। झालदा कच्ची लाख से सीडलैक और शेलैक बनाने का केंद्र बना, जिसका बड़ा हिस्सा निर्यात होता है। 'लैक ऑफ़ पुरुलिया' अब GI पंजीकृत प्राकृतिक उत्पाद है।
आँकड़ों में
पुरुलिया के शेलैक निर्माण क्लस्टर का कारोबार ₹105 करोड़ और रोज़गार 1,517 लोगों का था।
Brief Industrial Profile of Purulia District, MSME-DI Kolkata, Ministry of MSME · 2012
GI टैग
- Lac of Puruliaआवेदन संख्या Application No. 876Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- किसानों से कच्ची लाख खरीदकर सीडलैक बनाएँ
- मूल्यवर्धित उत्पाद (वार्निश, खाद्य ग्लेज़, लाख की चूड़ियाँ) बनाएँ
- उत्पादकों को बीज लाख और प्रशिक्षण दें
क्लस्टर की मुश्किलें
- मौसम और पोषक पेड़ों के घटने से लाख की उपज में उतार-चढ़ाव
- सिंथेटिक राल से मुकाबला
- पुरानी प्रसंस्करण तकनीक
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
लाख उत्पादन →शेलैक वार्निश (फ़्रेंच पॉलिश) निर्माण →शेलैक इन्सुलेटिंग वार्निश (हवा में सूखने वाला) →गैस्केट शेलैक कंपाउंड (गैस्केट सीमेंट) →लाख की चूड़ियाँ बनाना →
