कहानी
सिरिसिल्ला के बुनकर, जिनमें बहुत-से पद्मशाली समुदाय से हैं, 1970 के दशक से हथकरघे से पावरलूम पर आए। यह शहर तेलंगाना का सबसे बड़ा पावरलूम केंद्र बना, जहाँ बना कच्चा और पॉलिएस्टर कपड़ा सूरत और भिवंडी के व्यापारियों के ज़रिये बिकता है। कम मज़दूरी और क़र्ज़ से बुनकर लंबे समय तक संकट में रहे। स्कूल वर्दी और त्योहार साड़ियों के सरकारी ऑर्डर से अब क्लस्टर को ज़्यादा स्थिर काम मिला है।
आँकड़ों में
सिरिसिल्ला पावरलूम क्लस्टर में 390 चालू इकाइयाँ थीं, कारोबार ₹30 करोड़ (300 मिलियन रुपये) और रोज़गार 22,168 लोगों को (2010-11 के आँकड़े)।
Brief Industrial Profile of Karimnagar District (MSME-DI Hyderabad, DC-MSME) · 2011
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- शटललेस करघे लगाकर जॉब-वर्क ऑर्डर लें
- कच्चे कपड़े की प्रोसेसिंग, रंगाई और छपाई
- स्थानीय कपड़े से परिधान और मेड-अप इकाइयाँ
- धागे का व्यापार
क्लस्टर की मुश्किलें
- पुराने शटल करघे
- सरकारी ऑर्डरों पर निर्भरता
- क़र्ज़ और निजी साहूकार
- सूरत और भिवंडी से प्रतिस्पर्धा
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
कपड़े के मेड-अप्स (नैपकिन, मैट, एप्रन) →तौलिया निर्माण →चादर बुनाई इकाई (पावरलूम) →कपड़ा छपाई (स्क्रीन प्रिंटिंग) →
