§1आपके पास सरकारी सहायता
§2एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP)
Food Processing (Rice Mill & Dairy Products )Metal Products
सरकार इस उत्पाद को ज़िले की पहचान बना रही है — इसके लिए क्लस्टर, प्रशिक्षण, मार्केटिंग और निर्यात की मदद पहले मिलती है। इसी उत्पाद में व्यापार शुरू करना अक्सर सबसे आसान रास्ता होता है।
§3सब्सिडी ज़ोन
राज्य नीति की ज़ोन सूची में इस ज़िले का नाम नहीं है — या तो राज्य ज़ोन नहीं बनाता, या ज़ोन ब्लॉक/तहसील के हिसाब से है। अपने ब्लॉक का ज़ोन ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) से पूछें।
§4हरियाणा की योजनाएँ — यहाँ भी मिलती हैं
- HUVM पूँजी सब्सिडीचालूक्षेत्र के अनुसार पात्र पूँजीगत ख़र्च का 15%-30%, अधिकतम ₹2-4 करोड़
- हरियाणा ब्याज सब्सिडीचालूटर्म लोन पर ब्याज सब्सिडी: Core 5% (अधिकतम ₹20 लाख/साल), Intermediate 6% (₹20 लाख/साल), Sub-Prime और Prime 7% (₹25 लाख/साल)
- हरियाणा SGST वापसीचालू7 साल तक शुद्ध SGST की वापसी, क्षेत्र और B2C हिस्से के अनुसार 20%-70%
- हरियाणा रोज़गार सब्सिडीचालू10 साल तक हर स्थानीय कर्मचारी पर साल में ₹1 लाख (सामान्य) / ₹1.20 लाख (महिला/SC/दिव्यांग/अग्निवीर/पूर्व सैनिक) तक; हर कर्मचारी पर साल में कम से कम…
- हरियाणा निर्यात भाड़ाचालूFOB मूल्य का 1% या बंदरगाह/एयर कार्गो/सीमा तक असली भाड़ा (सरकारी फ़ीस/टैक्स छोड़कर), जो कम हो; हर इकाई को साल में अधिकतम ₹10 लाख (Core), ₹15 लाख…
- MM Pratham Niryatakचालूलागत का 33%, 3 साल तक साल में अधिकतम ₹20 लाख - IEC, RCMC, निर्यात दस्तावेज़; कैटलॉग, नियमों के अनुसार डिज़ाइन, सलाह; सैंपल, जाँच; ख़रीदारों तक पहुँच…
§5कहाँ जाएँ
- ज़िला उद्योग केंद्र (DIC), Kaithal — राज्य की सब्सिडी योजनाओं और ODOP की फ़ाइल यहीं जमा होती है; PMEGP में भी DIC एक कार्यान्वयन एजेंसी है।
- लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (LDM) — ज़िले के बैंकों के समन्वयक; कर्ज़ अटके तो इनसे मिलें।
- उद्यम रजिस्ट्रेशन (udyamregistration.gov.in) — सरकारी पोर्टल पर मुफ़्त।
