कहानी
GIDC ने अंकलेश्वर को गुजरात के शुरुआती औद्योगिक एस्टेट में से एक के रूप में विकसित किया, जो नर्मदा नदी, मुंबई-दिल्ली रेल लाइन और गैस क्षेत्रों के पास है। रसायन इकाइयाँ यहाँ इसलिए जुटीं क्योंकि कच्चा माल, पानी और ख़रीदार पास-पास थे, और बाद में भरूच के दहेज और झगड़िया एस्टेट में बड़े संयंत्र आए। प्रदूषण के कारण इलाक़े को 'गंभीर रूप से प्रदूषित' घोषित किया गया, और अब इकाइयाँ साझा अपशिष्ट जल शोधन और ख़तरनाक कचरा सुविधाओं पर निर्भर हैं।
आँकड़ों में
अंकलेश्वर डाई एवं रसायन क्लस्टर में 920 चालू इकाइयाँ थीं, जिनमें 7,200 लोग काम करते थे; प्रदूषण, वित्त और कच्चा माल मुख्य समस्याएँ बताई गईं (ज़िला प्रोफ़ाइल, लगभग 2012)।
Brief Industrial Profile of Bharuch District (MSME-DI Ahmedabad, Ministry of MSME) · 2012
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- बड़ी रसायन कंपनियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग
- लैब जाँच और नियामक दस्तावेज़ सेवाएँ
- ख़तरनाक कचरे का प्रबंधन और सॉल्वेंट रिकवरी
- पैकिंग ड्रम और औद्योगिक गैस की सप्लाई
क्लस्टर की मुश्किलें
- कड़े प्रदूषण नियंत्रण और बंदी के आदेश
- कच्चे माल के दामों में उतार-चढ़ाव, अक्सर चीन से आयात
- छोटी इकाइयों के लिए वित्त
- सुरक्षा जोखिम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
सल्फ़र ब्लैक डाई →क्लोरैम्फ़ेनिकॉल पामिटेट (बल्क दवा) →व्हाइट स्पिरिट (मिनरल तारपीन तेल) की री-पैकिंग →प्लास्टिक बैरल (HDPE ड्रम) निर्माण →
