कहानी
बाँकुड़ा के शिल्प बिष्णुपुर के मल्ल राजाओं के समय बढ़े, जिनके टेराकोटा मंदिर आज भी खड़े हैं। पाँचमुड़ा के कुम्हार प्रसिद्ध बाँकुड़ा घोड़ा बनाते हैं, बिष्णुपुर के बुनकर महाकाव्यों के दृश्यों वाली बालूचरी साड़ी बुनते हैं, और केंजाकुड़ा पीतल व काँसे के बर्तनों का केंद्र है। इनमें से कई शिल्प अब GI पंजीकृत हैं।
आँकड़ों में
बाँकुड़ा पाँचमुड़ा टेराकोटा शिल्प 4,000 से अधिक कारीगर चलाते हैं, ज़्यादातर पारिवारिक इकाइयाँ, जिनमें महिलाएँ भी हैं।
From Terracotta to Textiles: GST Reforms to Empower Bengal's Industries (PIB factsheet) · 2025केंजाकुड़ा क्लस्टर की 260 पीतल-काँसा इकाइयों में से 100 चालू थीं, प्रति इकाई 5–6 कारीगर।
Brief Industrial Profile of Bankura District, MSME-DI Kolkata, Ministry of MSME · 2012
GI टैग
- Bankura Panchmura (terracotta)आवेदन संख्या Application No. 453Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
- Baluchari Sareeआवेदन संख्या Application No. 173Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
- Bankura Brass & Bell Metalsआवेदन संख्या Application No. 1034Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
- Bengal Dokraआवेदन संख्या Application No. 563Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- टेराकोटा और काँसे का सामान होटलों, इंटीरियर डिज़ाइनरों और ऑनलाइन बेचें
- बुनकर समूहों के लिए बालूचरी साड़ी की दुकान और ऑनलाइन बिक्री
- नाज़ुक शिल्प के लिए पैकिंग और कूरियर साझेदारी
क्लस्टर की मुश्किलें
- काँसा बनाने वालों के लिए पीतल और ताँबे के बढ़ते दाम
- टेराकोटा में टूट-फूट और ढुलाई ख़र्च
- कारीगरों की कम आय और कम उत्तराधिकारी
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
टेराकोटा सजावटी और उपयोगी सामान →पीतल के बर्तन (थाली सेट) →पूजा के पीतल के सामान (मूर्तियाँ, दीये, घंटियाँ) →घुँघरू और घंटी (पीतल) →हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →लोक कला और कला दीर्घा का ऑनलाइन मार्केटप्लेस →
