कहानी
'सिल्क सिटी' भागलपुर में सदियों से गंगा किनारे नाथनगर और चंपानगर में टसर रेशम बुना जाता है। संथाल परगना के जंगलों के टसर कोकून और पीढ़ियों से बुनाई करते अंसारी और तांती परिवारों ने इसे स्वाभाविक केंद्र बनाया। अब हथकरघे के साथ पावरलूम भी चलते हैं, और भागलपुर सिल्क GI पंजीकृत है।
आँकड़ों में
भागलपुर में लगभग 30,000 बुनकर करीब 25,000 करघे चलाते हैं; यह क्षेत्र कुल मिलाकर 1 लाख से अधिक लोगों की आजीविका चलाता है।
GST Rate Rationalisation: Expanding Opportunities for Bihar (PIB factsheet) · 2025भागलपुर पावरलूम क्लस्टर में 300 चालू इकाइयाँ, ₹500 लाख का कारोबार और 700 लोगों का रोज़गार था।
Brief Industrial Profile of Bhagalpur District, MSME-DI Patna, Ministry of MSME · 2012
GI टैग
- Bhagalpur Silkआवेदन संख्या Application No. 180Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- भागलपुरी रेशमी साड़ियाँ और स्टोल ऑनलाइन बेचें
- बुनकरों के लिए धागा बैंक और रंगाई इकाइयाँ
- निर्यात ऑर्डर के लिए डिज़ाइन और फ़िनिशिंग सेवाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- धागे के बढ़ते दाम और आयातित रेशम से मुकाबला
- शोर वाले पुराने करघे और बुनकरों की कम आय
- बुनकरों का काम छोड़ना
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →साड़ी रंगाई और छपाई →ज़री और सिल्क कढ़ाई →चादर बुनाई इकाई (पावरलूम) →
