कहानी
मिथिला के गाँवों में महिलाएँ परंपरागत रूप से शादी और त्योहारों पर प्राकृतिक रंगों से दीवारों और फ़र्श पर चित्र बनाती थीं। 1966–68 के सूखे के बाद यह चित्रकला आय के साधन के रूप में कागज़ पर आई, और जितवारपुर और रांटी के कलाकारों ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीते। मधुबनी पेंटिंग शुरुआती GI पंजीकरणों में थी, और यह शैली अब कपड़ों और सार्वजनिक भित्ति-चित्रों पर दिखती है।
आँकड़ों में
जितवारपुर जैसे केंद्रों में लगभग 70% परिवार चित्रों की बिक्री पर निर्भर हैं; मधुबनी में कारीगर क्रेडिट कार्ड के 5,000 से अधिक आवेदन हुए।
GST Rate Rationalisation: Expanding Opportunities for Bihar (PIB factsheet) · 2025ज़िला प्रोफ़ाइल में 'अन्य (मिथिला पेंटिंग आदि)' श्रेणी में 314 इकाइयाँ और 448 लोगों का रोज़गार दर्ज है।
Brief Industrial Profile of Madhubani District, MSME-DI Patna, Ministry of MSME · 2012
GI टैग
- Madhubani Paintingsआवेदन संख्या Application No. 37Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- कलाकारों के काम की ऑनलाइन गैलरी और प्रिंट-ऑन-डिमांड बिक्री
- चित्रित कपड़े और कॉर्पोरेट उपहार ऑर्डर
- होटलों, दफ़्तरों और स्टेशनों के लिए भित्ति-चित्र ठेके
क्लस्टर की मुश्किलें
- छपी नकल को हाथ से बना बताकर बेचना
- बिचौलिये और कलाकारों को कम दाम
- नए उत्पादों के लिए डिज़ाइन प्रशिक्षण की ज़रूरत
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
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