कहानी
उत्तर बिहार के मिथिला क्षेत्र के तालाबों और आर्द्रभूमि में मखाना उगता है, जहाँ मल्लाह परिवार लंबे समय से गोता लगाकर बीज निकालते और हाथ से फोड़ते आए हैं। स्वास्थ्यवर्धक नाश्ते के रूप में बढ़ती माँग से प्रसंस्करणकर्ता, ब्रांड और निर्यातक इस व्यापार में आए हैं। 'मिथिला मखाना' GI पंजीकृत है, और 2025 में पूर्णिया में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड बना।
आँकड़ों में
देश के कुल मखाना उत्पादन में बिहार का हिस्सा 90 प्रतिशत से अधिक है।
National Makhana Board — Operational Guidelines, Department of Agriculture (Horticulture), Government of Bihar · 2025भारत का 80–90% मखाना बिहार में होता है, जिसकी खेती और प्रसंस्करण से लगभग 10 लाख परिवार जुड़े हैं।
GST Rate Rationalisation: Expanding Opportunities for Bihar (PIB factsheet) · 2025
GI टैग
- Mithila Makhanaआवेदन संख्या Application No. 696Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- ब्रांडेड मखाने के लिए छँटाई, भुनाई और पैकिंग इकाइयाँ
- आधुनिक दुकानों और निर्यात के लिए फ़्लेवर वाले मखाना स्नैक्स
- हाथ की भुनाई की जगह मशीन से फोड़ना
- निचली ज़मीन में खेत-आधारित मखाना खेती
क्लस्टर की मुश्किलें
- कठिन और जोखिम भरी हाथ से तुड़ाई और फोड़ाई
- मूल्य का बड़ा हिस्सा बिहार के बाहर के व्यापारियों को
- दाम में उतार-चढ़ाव और ग्रेडिंग की समस्या
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
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