कहानी
गया के पास पत्थरकट्टी गाँव में राजस्थान के पत्थर कारीगर बसे, जिन्हें 18वीं सदी में मंदिरों पर काम के लिए बुलाया गया था। वे स्थानीय नीले-काले ग्रेनाइट से मूर्तियाँ और प्रतिमाएँ गढ़ते हैं, जो गया और बोधगया में तीर्थयात्रियों को बिकती हैं। 'गया पत्थरकट्टी स्टोन' शिल्प GI पंजीकृत है।
आँकड़ों में
गया का पत्थरकट्टी क्लस्टर 500 परिवारों के लगभग 650 कारीगरों की आजीविका चलाता है; यह शिल्प 300 से अधिक वर्षों से चल रहा है और 2025 में इसे GI टैग मिला।
GST Rate Rationalisation: Expanding Opportunities for Bihar (PIB factsheet) · 2025
GI टैग
- Gaya Pattharkatti Stoneआवेदन संख्या Application No. 891Registration details of Geographical Indications (state-wise register), IP India
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- बोधगया आने वालों और ऑनलाइन मूर्तियाँ व बौद्ध प्रतिमाएँ बेचें
- मंदिरों और बगीचों के लिए ऑर्डर पर प्रतिमाएँ
- कारीगरों के लिए बिजली औज़ार और डिज़ाइन प्रशिक्षण
क्लस्टर की मुश्किलें
- धूल और कारीगरों के स्वास्थ्य को ख़तरा
- पत्थर खदानों पर पाबंदियाँ
- भारी माल ढुलाई का ख़र्च
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
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