कहानी
डिंडीगुल में ताले बनाने का काम सौ साल से अधिक पुराना है, और यहाँ के ताले मंदिरों, अन्न भंडारों और सरकारी ख़ज़ानों में लगते थे। डिंडीगुल के आसपास के गाँवों के लोहार जटिल लीवर वाले लोहे के ताले हाथ से बनाते हैं, जिनमें ऐसे पहेली ताले भी हैं जो कई क़दमों में खुलते हैं। डिंडीगुल लॉक, हार्डवेयर एंड स्टील फ़र्नीचर वर्कर्स इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव सोसाइटी को 2019 में इस शिल्प के लिए GI टैग मिला। कई इकाइयाँ स्टील फ़र्नीचर और तिजोरियाँ भी बनाती हैं।
आँकड़ों में
2019 में बताई गई GI अर्ज़ी के अनुसार डिंडीगुल ताला उद्योग में 3,125 से अधिक इकाइयाँ हैं।
Tamil Nadu earns two more GI tags — Dindigul Locks and Kandangi Sarees — S.S. Rana & Co. · 2019इकाइयाँ डिंडीगुल के आसपास के पाँच गाँवों में हैं: नागल नगर, नल्लमपट्टी, कोडैपरैलपट्टी, कमलापट्टी और यगप्पनपट्टी।
Despite GI tag, Dindigul industry 'locked' in trouble — DT Next · 2020डिंडीगुल लॉक्स पंजीकृत GI है (आवेदन 400, प्रमाणपत्र 358)।
GI Registry — Dindigul Locks, application 400
GI टैग
- Dindigul Locksआवेदन संख्या GI Application No. 400 (Certificate No. 358)GI Registry, Intellectual Property India — application 400
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- विरासत और पहेली तालों की उपहार और संग्रह के रूप में ऑनलाइन बिक्री
- मंदिरों, बैंकों और संस्थाओं को तालों की आपूर्ति
- स्टील फ़र्नीचर और तिजोरी का फ़ैब्रिकेशन
- चाबी बनाने, मरम्मत और ताला-मिस्त्री सेवा
क्लस्टर की मुश्किलें
- अलीगढ़ और आयात के सस्ते मशीनी ताले
- बूढ़े होते लोहार और मज़दूरों की कमी
- इस्पात और पीतल के बढ़ते दाम
- GI तालों की कमज़ोर ब्रांडिंग
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
टम्बलर ताला (पैडलॉक) बनाना →वाहन ताला निर्माण →डिजिटल सेफ़ लॉकर असेंबली →स्टील ट्रंक (संदूक) बनाने की इकाई →
