कहानी
ईरोड ज़िला लंबे समय से बुनाई का इलाक़ा है, जहाँ चेन्निमलै, भवानी और आसपास के कस्बों में सहकारी हथकरघा समितियाँ हैं। मोटी धारीदार सूती दरी भवानी जमक्कालम जंगमर बुनकर समुदाय से शुरू हुई और 2005 में GI उत्पाद बनी। बाद में पूरे ज़िले में पावरलूम फैले और ईरोड कपड़े का थोक बाज़ार बन गया। राज्य की मुफ़्त धोती-साड़ी योजना और स्कूल वर्दी के ऑर्डर कई समितियों को काम देते हैं।
आँकड़ों में
ईरोड ज़िले में 191 हथकरघा बुनकर सहकारी समितियाँ और 57 पावरलूम बुनकर सहकारी समितियाँ हैं।
Handlooms — Erode district administration · 2026ज़िले में 50,000 से अधिक पावरलूम बुनकर और सहायक मज़दूर काम करते हैं; 2025-26 में 11,893 पावरलूम बुनकरों को रियायती बिजली मिली।
Handlooms — Erode district administration · 2026भवानी जमक्कालम पंजीकृत GI है (आवेदन 16, प्रमाणपत्र 9)।
GI Registry — Bhavani Jamakkalam, application 16ईरोड का बुनाई क्लस्टर और ईरोड का कॉयर व कॉयर उत्पाद क्लस्टर MSE-CDP के पूरे हुए साझा सुविधा केंद्रों में दर्ज हैं।
Completed Common Facility Centres under MSE-CDP (as on 22 Mar 2024), Office of DC-MSME · 2024
GI टैग
- Bhavani Jamakkalamआवेदन संख्या GI Application No. 16 (Certificate No. 9)GI Registry, Intellectual Property India — application 16
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- वर्दी और सरकारी योजना के कपड़े की ठेके पर बुनाई
- भवानी जमक्कालम और चेन्निमलै चादरों की ऑनलाइन बिक्री
- बुनकरों के लिए धागा रंगाई और साइज़िंग सेवा
- ईरोड कपड़ा बाज़ार में थोक व्यापार
क्लस्टर की मुश्किलें
- पावरलूम की नक़ल हथकरघा GI माल के नाम पर बिकती है
- बूढ़े होते हथकरघा बुनकर और कम युवा
- कम मुनाफ़ा और सरकारी ऑर्डरों पर निर्भरता
- धागे के दामों में उतार-चढ़ाव
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
चादर बुनाई इकाई (पावरलूम) →हथकरघा गमछा →सूती धागे की रंगाई (लच्छी और पैकेज रंगाई) →धागा बटाई (डबलिंग) जॉब वर्क →तौलिया निर्माण →हथकरघा और हस्तशिल्प की दुकान →
