कहानी
अमरावती नदी के किनारे बसे करूर में मोटे सूती कपड़े की पुरानी हथकरघा परंपरा थी। 1970 के दशक से स्थानीय बुनकर निर्यात ख़रीदारों के लिए सजावटी कपड़ा बनाने लगे, और पावरलूम ने हथकरघे की जगह ली। अब निर्यातक बुनाई, प्रोसेसिंग और सिलाई वाली पूरी इकाइयाँ चलाते हैं, जिन्हें कई छोटे जॉब-वर्क बुनकर सहारा देते हैं। साझा ढाँचे के लिए यहाँ कपड़ा मंत्रालय का एकीकृत टेक्सटाइल पार्क बना।
आँकड़ों में
व्यापार पत्रिकाओं के अनुसार क्लस्टर का सालाना उत्पादन लगभग ₹9,000 करोड़ है, जिसमें लगभग ₹6,000 करोड़ निर्यात है, मुख्यतः अमेरिका और यूरोपीय संघ को।
US tariffs force Karur textile exporters to cut working days — Apparel Resources · 2025TIFAC के अध्ययन के अनुसार नौ होम-फ़र्निशिंग उत्पाद समूहों में करूर का योगदान ₹4,292 करोड़ था, जबकि इन समूहों में भारत का लगभग ₹47,800 करोड़।
Home furnishing cluster, Karur, Tamil Nadu — TIFAC executive summary
नए उद्यमी के लिए रास्ते
- मेड-अप निर्यातकों के लिए सिलाई और पैकिंग का जॉब-वर्क
- ठेके पर सजावटी कपड़े की पावरलूम बुनाई
- चादरों और रसोई के कपड़ों का घरेलू ई-कॉमर्स ब्रांड
- डिज़ाइन, सैंपलिंग और अनुपालन-प्रमाणन सेवाएँ
क्लस्टर की मुश्किलें
- अमेरिकी टैरिफ़ और ऑर्डर में कटौती
- शिपिंग में रुकावट और भाड़े का ख़र्च
- प्रोसेसिंग इकाइयों पर अपशिष्ट जल नियम
- सूती धागे के बढ़ते दाम
यहाँ शुरू करने लायक बिज़नेस
कपड़े के मेड-अप्स (नैपकिन, मैट, एप्रन) →चादर बुनाई इकाई (पावरलूम) →बेड लिनन सिलाई इकाई (चादर और तकिये के कवर) →पर्दे बनाना →तौलिया निर्माण →सूती धागे की रंगाई (लच्छी और पैकेज रंगाई) →
